संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर 14 जोड़ी ट्रेनों का नियमित आवागमन है। प्रतिदिन कई हजार यात्री रेलवे स्टेशन पर चढ़ते और उतरते हैं।
खास करके मुंबई जाने वाली ट्रेन पर चढ़ने और उतरते समय आपाथापी वाले हालात बन जाते हैं। एक ही गेट और ओवरब्रिज होने के कारण समस्या होने लगती है। जिस हिसाब से स्टेशन पर भीड़ बढ़ रही है, अगर विकल्प नहीं चुना गय तो आने वाले दिन में दिक्कत हो सकती है। जैसा की दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ और भगदड़ के बीच हुआ है। हालांकि रेलवे स्टेशन का प्लेटफॅार्म लंबा है, आपात स्थिति में लोग इधर से उधर जा सकते हैं।
गोरखपुर- गोंडा रेलखंड में सिद्धार्थनगर मुख्यालय का रेलवे स्टेशन है। इस रूट पर मुंबई, दिल्ली और लखनऊ सहित अन्य रूट की 14 जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है। हर ट्रेन का ठहराव यहां होता है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग यहां से यात्रा करते हैं। मौजूदा समय में अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशन काम चल रहा है। बस्ती रेलवे स्टेशन पर प्रयागराज स्पेशल ट्रेन को लेकर हुई भगदड़ में 18 लोगों की जान चली गई। भीड़ अधिक होने के कारण लोग बचकर निकल नहीं पाए। सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर हाल जानने के लिए पहुंचे। यहां गोरखपुर- बढ़नी डेमू ट्रेन दोपहर तकरीबन 12 बजे ठहरी थी। ट्रेन के थमते ही उतरने वालों की संख्या बढ़ गई। गेट एक होने के कारण देखते ही देखते जाम की स्थित बन गई।
हालांकि यह चंद मिनट तक रहा। लेकिन मुंबई जाने वाली ट्रेन सुबह पकड़ने में भीड़ बेकाबू हो जाती है। ऐसे में भगदड़ से इन्कार नहीं किया जा सकता है। गोरखपुर जाने वाले राकेश चंद्रा, उमेश कुमार ने बताया कि कभी- कभी यहां पर भीड़ बेकाबू होती है। मुख्य गेट के अलावा वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत है, जिससे भीड़ बढ़ने पर लोग निकल सकें।