मंसाछापर। जटहा बाजार थाना क्षेत्र के कंठीछपरा गांव के टोला दोपही के पास शुक्रवार की सुबह एक डंपर की चपेट में आने से पांच वर्षीय बालक की मौत हो गई। इससे नाराज परिजन और गांव वाले शव को सिरजन ट्रेडर्स सीएनजी प्लांट परिसर में रखकर हंगामा करने लगे। प्रदर्शन कर रहे लोग प्लांट मालिक और डंपर चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मामला बढ़ता देख पांच थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने लाठी पटक कर भीड़ को हटाया और शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बिहार के मलाही पट्टी निवासी शंकर साहनी का ससुराल कंठीछपरा के दोपही टोला में है। शंकर साहनी की पत्नी निजा देवी पिछले दो माह से अपने मायके में ही अपने दो बच्चों के साथ रह रही थीं। शुक्रवार की सुबह करीब 9:30 बजे रामकोला फैक्टरी से फ्रेशमेंट गिराकर एक डंपर सिरजन ट्रेडर्स सीएनजी प्लांट से वापस जा रहा था। इसी दौरान प्लांट से करीब 100 मीटर दूर घर के सामने खेल रहा पांच वर्षीय रितेश डंपर की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार के लोग घायल रितेश को अभी अस्पताल भेजने की व्यवस्था कर ही रहे थे कि घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। घटना से नाराज परिजन गांव के लोगों के साथ रितेश का शव सीएनजी प्लांट परिसर में रख कर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन कर रहे लोग प्लांट मालिक व डंपर चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। लोगों के प्रदर्शन की सूचना पर जटहा बाजार थाना पुलिस के साथ पडरौना कोतवाली, महिला थाना पडरौना, नेबुआ नौरंगिया और कुबेरस्थान थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस परिजनों को समझा बुझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास करती रही, लेकिन परिजन तैयार नहीं हुए। बाद में पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया और सख्ती दिखाते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया।
ननिहाल में खेलते-खेलते खत्म हो गई मासूम की जिंदगी
कंठीछपरा के दोपही टोला में शुक्रवार की सुबह एक मासूम की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। पांच वर्षीय रितेश अपनी मां के साथ पिछले दो महीनों से ननिहाल में रह रहा था। उसे क्या पता था कि घर के सामने खेलते-खेलते उसकी जिंदगी हमेशा के लिए थम जाएगी। रितेश अपने बड़े भाई दुर्गेश के साथ अक्सर घर के सामने ही खेला करता था। शुक्रवार की सुबह भी वह घर के बाहर खेल रहा था, तभी सीएनजी प्लांट से फ्रेशमेंट गिराकर लौट रहे डंपर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मां निजा देवी का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि नाना-नानी समेत पूरे परिवार में मातम छा गया। गांव के लोग भी इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध रह गए। गांव के लोगों का कहना है कि सीएनजी प्लांट और फैक्ट्री से आने-जाने वाले भारी वाहनों की आवाजाही से गांव के आसपास हमेशा खतरा बना रहता है।