लिपिक की लापरवाही से दो जिलों में कार्य प्रभावित
पांच माह पूर्व हुआ स्थानांतरण, न तो चार्ज दे रहा न ही कर रहा कार्यभार ग्रहण
बस्ती बीएसए से डीआईओएस कार्यालय सिद्धार्थगनर के लिए हुआ है स्थानांतरण
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पांच माह पूर्व बीएसए बस्ती कार्यालय से डीआईओएस कार्यालय में स्थानांतरित व कार्यमुक्त हो चुके लिपिक के वहां चार्ज नहीं देने और यहां कार्यभार ग्रहण नहीं करने से समस्या खड़ी हो गई है। दो जिले की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जबकि बीएसए बस्ती की ओर से पटल का चार्ज देने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है।
शासन की स्थानांतरण नीति के तहत जुलाई में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में उर्दू अनुवादक पद पर कार्यरत अबरार अहमद का स्थानांतरण बीएसए कार्यालय बस्ती के लिए हुआ था, उन्हें यहां से बस्ती के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया। वहीं, बस्ती बीएसए कार्यालय में तैनात उर्दू अनुवादक वरिष्ठ सहायक अबैदुल्लाह शाह का स्थानांतरण सिद्धार्थनगर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के लिए हुआ। उन्हें भी वहां से कार्यमुक्त कर दिया गया। अबरार खान ने बीएसए कार्यालय बस्ती में कार्यभार ग्रहण कर लिया, लेकिन पांच माह में न तो अबैदुल्लाह शाह सिद्धार्थनगर पहुंचे और न ही अब तक कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने बस्ती में पटल का चार्ज भी नहीं दिया है। जबकि बीएसए बस्ती की ओर से सिद्धार्थनगर डीआईओएस को पत्राचार करके बार-बार अबैदुल्लाह शाह से पटल का चार्ज देने के लिए कहा जा रहा है। इधर, डीआईओएस कार्यालय में कार्यभार ग्रहण न करने से यहां का भी कार्य प्रभावित हो रहा है। डीआईओएस की ओर से जवाब में दिया जा रहा है कि अब तक उनकी ज्वाइनिंग ही नहीं हुई है। एक बाबू से दो जनपदों के अधिकारी परेशान हैं। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक अवधेश नरायन मौर्य ने बताया कि बस्ती से पत्र आया था, जवाब दे दिया गया है कि अभी तक लिपिक की यहां पर ज्वाइनिंग नहीं हुई है।