सिद्धार्थनगर। खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र के सकारपार से चोरईताल को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित करीब साढ़े सात किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य कुड़जा गांव में अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव की आबादी के बीच लगभग 100 मीटर सड़क का निर्माण नहीं हो सका है, जिससे जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का अधिकांश हिस्सा बनकर तैयार हो चुका है लेकिन कुड़जा गांव के बीच का हिस्सा अधूरा पड़ा है। साथ ही सड़क के एक तरफ नाली का निर्माण भी नहीं कराया गया है। इसके चलते घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर जमा हो जाता है और राहगीरों को आवागमन में कठिनाई होती है। बरसात शुरू होने के बाद स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
यह मार्ग क्षेत्र का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है। इसी रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग उसका बाजार, तहसील मुख्यालय और जिला मुख्यालय तक आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुड़जा गांव के प्रधान राम कुमार गुप्ता ने बताया कि अधूरी सड़क के निर्माण के लिए कई बार संबंधित विभाग को अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों को गंदे पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की। क्षेत्र पंचायत सदस्य हरिश्चंद्र ने बताया कि इस मार्ग से करीब 50 गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क का अधूरा रह जाना जनहित के विपरीत है। उन्होंने संबंधित संस्था और विभागीय अधिकारियों से शीघ्र निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
इस संबंध में निर्माण कार्य देख रही संस्था के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान कुछ लोगों ने आपत्ति और विरोध दर्ज कराया था। इसी कारण उक्त हिस्से को छोड़कर सड़क का निर्माण कराया गया है। मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।