सिद्धार्थनगर। 26 जनवरी का इंतजार भारतीयों को ही नहीं बल्कि सीमा पार नेपाली जनता को भी है। राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे नेपाल को इस दिन अपने होने वाले प्रधानमंत्री का नाम मिल सकता है। नेपाली कांग्रेस ने सर्वसहमति से प्रधानमंत्री पद के लिए नाम तय कर पाने में असमर्थता स्वीकारने के बाद अब 26 को इसके लिए मतदान का मन बनाया है।
बता दें, नेपाल में 19 नवंबर को मतदान के बाद नेपाली कांग्रेस सबसे बड़े राजनीतिक दल के तौर पर उभरा। लेकिन स्पष्ट बहुमत नहीं होने के कारण वह सरकार बनाने से दूर है। ऐसे में सहमतीय सरकार का निर्माण विकल्प बना। इसके लिए सर्वसम्मति से प्रधानमंत्री का चयन किया जाना है। लेकिन प्रधानमंत्री कौन होगा? इस सवाल पर नेपाली राजनीति में गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में अब नेपाली कांग्रेस मतदान के जरिये संसदीय दल के नेता के चयन के विकल्प पर विचार कर रही है। नेपाली कांग्रेस की ओर से 26 जनवरी की तिथि को निर्णायक बताया जा रहा है। इस दिन संसदीय दल के नेता के नाम पर पहले आम सहमति बनाने का प्रयास होगा। अगर इसमें कामयाबी न मिली तो फिर तुरंत मतदान के विकल्प पर अमल किया जाएगा। नेपाली कांग्रेस प्रवक्ता एवं निर्वाचन समिति के संयोजक दिलेंद्र बड़ु ने बताया कि 26 को नेता चयन के लिए पहली कोशिश सहमति निर्माण की होगी। सहमति नहीं बनी तो मतदान कराया जाएगा।