सिद्धार्थनगर। बीएसएनएल अधिकारी बनकर मोबाइल टॉवर में लगे कीमती सामान लूटने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ लिया है। चार बदमाशों को गिरफ्तार करके पुलिस सात जनवरी को भगवानीगंज में लगे मोबाइल टॉवर पर हुई डकैती का खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि इन बदमाशों ने गार्ड को धमकाकर चार कीमती रेक्टीफायर माड्यूल लूटा था। पुलिस के हाथ लूट के सामान समेत कार और पांच मोबाइल सेट लगे हैं।
पुलिस अधीक्षक अनंत देव ने गुरुवार को घटना का खुलासा करते हुए बताया कि भवानीगंज क्षेत्र के बयारा में लगे एक निजी कंपनी के टॉवर से लूट की वारदात सात जनवरी को हुई थी। इसके खुलासे के लिए डुमरियागंज क्षेत्राधिकारी डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में टीम लगाई गई थी। इसमें डुमरियागंज थानाध्यक्ष निर्भय नरायन सिंह, भवानीगंज एसओ पंकज गुप्ता के साथ क्राइम ब्रांच भी शामिल थे। पुलिस टीम को गुरुवार सुबह सूचना मिली कि घटना में शामिल चारों बदमाशों डुमरियागंज क्षेत्र के सिलोखर चौराहा के पास किसी वारदात के फिराक में हैं। टीम ने तुरंत दबिश डालकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मास्टर माइंड गोरखपुर के गगहा थाना के टिकरी गांव का निवासी मदन मोहन सिंह उर्फ गुड्डू है। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया है कि वह एसेंट टेलीकाम में टेक्नीशियन है। उसके जिम्मे कंपनी के सात टॉवर हैं। इस काम में उसे काफी फायदा था। इस काम से वह 40,000 से 50,000 रुपये बचा लेता था। धन के लालच में उसकी निगाह कंपनी के एक अन्य साथी दिनेश के काम पर लग गई है। सिद्धार्थनगर और बस्ती जनपद में उनके अधीन 12 टॉवर हैं। वह दिनेश की साइट को बंदकराकर खुद उसके 12 टॉवरों का काम लेने के लिए इस घटना को अंजाम देने में लग गया।
पुलिस की पूछताछ में मदन मोहन सिंह ने बताया कि घटना को अंजाम देने के लिए उसने अपने गांव के ही राम मिलन शर्मा, गोरखपुर के सहजनवां सीहापार निवासी राजेश आर्या, वाल्टरगंज बस्ती निवासी विजय प्रताप चौधरी को मिलाया। विजय पहले टेक्नीशियन के पद पर था लेकिन कंपनी ने उसे निकाल दिया। मदन मोहन ने बयारा में लगे टॉवर के गार्ड को फोन कर खुद को बीएसएनएल अफसर बताया और साइट सही कराने की बात कही। देर शाम को वह तीन साथियों के साथ गोरखपुर से कार से बयारा पहुंचा। इन लोगों ने पहुंचते ही टॉवर गार्ड को बंधक बना लिया और वहां लगा चार रेक्टीफायर माड्यूल लूट लिया। एक माड्यूल की कीमत 16,000 रुपये हैं। घटना को अंजाम देने के बाद वह गार्ड का मोबाइल लेकर वहां से भाग निकले। गुरुवार को वह फिर दिनेश के ढेबरुआ स्थित टॉवर को लूटने की नीयत से जा रहे थे लेकिन पुलिस की गिरफ्त में आ गए। उन्होंने बताया है कि इन घटनाओं के पीछे उनका उद्देश्य दिनेश के 12 टॉवरों का काम अपने हाथ में लेना ही था। एसपी अनंतदेव का कहना है कि इन चारों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। चारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।