डुमरियागंज। कुछ दहशतगर्द भारत-पाकिस्तान के अमन में खलल पैदा कर रहे हैं। इनके कारण ही यहां की आवाम एक-दूसरे के देश में आसानी से नहीं आ जा पाती है। अफसोस तब और अधिक होता है, जब भारत या पाक में रहने वाले रिश्तेदार की खुशी या गम में शरीक नहीं हो पाते। जबकि हजारों लोगों के रिश्तेदार एक दूसरे मुल्क में रह रहे हैं। दोनों देशों के 99 फीसदी लोगों में मुहब्बत का जज्बा है। दोनों देशों की सरकारें को समझते हुए भाईचारा और रिश्तों को बढ़ावा देने के लिए वीजा नीति सरल बनानी चाहिए।
यह बातें शुक्रवार को हल्लौर आए पाकिस्तानी नौहाख्वां फरहान अली वारिसी ने कहीं। उन्होंने कहा कि वह भारत में कई जगहों पर लोगों से मिलने की चाह लेकर आए हैं मगर वीजा नीति के कारण सिर्फ तीन जगहों पर ही जाने का मौका मिला। लखनऊ और फैजाबाद के हल्लौर में लोगों का प्यार देख आंखें भर आई हैं। भारत में आने के बाद यह अहसास नहीं हुआ कि दूसरे मुल्क में हूं।
फरहान ने कहा भारत की सरजमीं पर आने और लोगों से मिलने का उन्हें गौरव प्राप्त हुआ है। इसके लिए उन्होंने हल्लौर के मशहूर नौहाख्वां नायाब हल्लौरी का शुक्रिया अदा किया। फरहान ने बताया कि वह दुबई, अफ्रीका, शारजाह, इराक, ईरान आदि देशों में नौहाख्वानी कर चुके हैं।