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कागज में साफ हो गया अस्पताल

Fri, 03 Jan 2014 05:43 AM IST
Siddhartha nagar
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सिद्धार्थनगर। आदेश के बाद भी जिला अस्पताल में सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इससे मरीजों और उनके साथ आने वाले तीमारदारोें को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं परिवार कल्याण ने सीएमओ को पत्र भेजकर 26 दिसंबर से एक जनवरी तक चिकित्सालय स्वच्छता सप्ताह मनाने का आदेश दिया था। इस सप्ताह के खत्म होने के अगले दिन ही गुरुवार को जिला अस्पताल में घुसते ही गंदगी से सामना हुआ। गेट पर पड़ा गोबर यहां पहुंचने वालों का मिजाज बिगाड़ रहा था। चिकित्सालय पहुंचे सरवन ने बताया कि सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं है। मजबूरी न हो तो यहां मरीज पहुंचे ही नहीं। अंदर इमरजेंसी के सामने की खुली जगह भी पीकदान में तब्दील थी। यहां चारों ओर पान और गुटखे की पीक मरीजों और तीमारदारों की मुश्किल बढ़ा रही थी। ठंड से कुछ देर राहत पाने के लिए यहां धूप सेंकने के लिए मरीज और तीमारदार पहुंचते हैं मगर गंदगी के कारण बैठने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। इंसेफेलाइटिस वार्ड के सामने खुली जगह में भी कुछ ऐसा ही नजारा है। ऐसे में लगता है कि केवल कागजी खानापूरी कर स्वच्छता सप्ताह मनाया गया।
इस बारे में प्रभारी सीएमओ डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में नियमित साफ-सफाई होती है। मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार गंदगी कर देते हैं।
70 अस्पताल में तीन की रंगाई-पुताई
जिला अस्पताल के अलावा जिले में 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 57 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। अस्पताल स्वच्छता अभियान में इन अस्पतालों की रंगाई-पुताई के लिए बजट आया है। लेकिन सप्ताह बीतने के बाद नौगढ़, बसंतपुर समेत मऊ में अभी तक महज तीन अस्पतालों की रंगाई-पुताई हो सकी है। प्रभारी सीएमओ इसका कारण मैन पावर की कमी बता रहे हैं, जबकि यह काम ठेके पर कराया जा रहा है।
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