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गेटमैन को राड से पीटकर मारडाला

Thu, 12 Dec 2013 05:42 AM IST
Siddhartha nagar
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इटवा। थियेटर में जबरिया घुसने को लेकर मंगलवार की रात गेटमैन के मना करने पर शराब के नशे में धुत युवक आग बबूला हो गया। गेट पर लगे लोहे के पाइप को उखाड़ कर गेटमैन की जमकर धुनाई कर दी और वहां से फरार हो गया। घायल को सीएचसी इटवा पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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इटवा थानाक्षेत्र के जिगिना धाम में मेला चल रहा है। मंगलवार की देर शाम मेले में लगी ड्रेगन ट्रेन का मकैनिक गोल्डी पुत्र ढुन्नू निवासी छावनी थाना दरगाह शरीफ जिला बहराइच शराब के नशे में धुत होकर जय बजरंग थियेटर के गेट पर जा पहुंचा। गेटमैन निजामुद्दीन (50) निवासी नए नगर आजमगढ़ को धक्का देकर जबरिया घुसने लगा। इस पर निजामुद्दीन ने उसे बाहर कर दिया। इस पर गोल्डी आग बबूला हो गया। उसने गेट पर लगा लोहे का पाइप उखाड़कर निजामुद्दीन के सिर पर मार दिया। मारने के बाद वह तत्काल मौके से भाग खड़ा हुआ। थियेटर के मालिक ने गेट मैन को इलाज के लिए सीएचसी इटवा पहुंचाया। जहां पर दो घंटे बाद ही निजामुद्दीन की मौत हो गई। इस मामले में मृतक के दामाद जमाल अहमद निवासी सेमरियांवा जिला संतकबीरनगर के तहरीर पर गोल्डी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस ने गोल्डी को गिरफ्तार भी कर लिया है।
कोट,
इस मामले में मुकदमा पंजीकृत कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
धराचार्य पांडेय, एसओ इटवा
इनसेट
पुलिस सजग होती तो बच सकती थी जान
अगर पुलिस थोड़ा संजीदा हुई होती तो निजामुद्दीन की जान नहीं जाने पाती। झगड़े के वक्त पुलिस के कुछ सिपाही मौजूद थे। लेकिन पुलिस ने घटनास्थल पर जाना मुनासिब नहीं समझा। निजामुद्दीन पिटता रहा, लेकिन पुलिस के कर्मी कुर्सी से उठे तक नहीं। इस बात को लेकर पूरे मेले में पुलिस की कार्यप्रणाली चर्चा में है। दबी जुबान से लोगों ने बताया कि अगर पहले ही पुलिस पहुंच जाती तो यह वारदात नहीं होती।
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कर रहे थे सुरक्षा की मांग
एक सप्ताह से जिगिना धाम में चल रहे मेले में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंदिर के महंत बाबा विजय दास ने पुलिस महकमे से अतरिक्त फोर्स की मांग की थी, लेकिन महकमे ने उनकी बातों को दरकिनार कर दिया था। सुरक्षा व्यवस्था लचर होने की वजह से एक थियेटर मजदूर की जान चली गई। जबकि कुछ दिन पहले ही डुमरियागंज स्थित भरतभारी मेले में कातिलाना हमला हो चुका था। उसके बाद भी पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
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