सिद्धार्थनगर। प्रदेश में महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य महिला आयोग उनके साथ है। अगर कोई भी महिलाओं और बालिकाओं के साथ छेड़खानी करते हुए पकड़ा जाए तो उसके खिलाफ तत्काल प्रशासन को गैंगस्टर लगा देना चाहिए। इससे समाज में एक संदेश जाएगा और घटनाओं पर विराम लगेगा।
यह बातें जिले में जनसुनवाई के लिए पहुंचीं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान स्थानीय पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में कहीं। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, बाल विवाह जैसे अपराध को रोकने के लिए महिला आयोग पूरी तरह से सजग है। ऐसे अपराधों को रोकने के लिए प्रशासन की भी आवश्यकता है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि इस मसले पर स्थानीय प्रशासन का सहयोग लिया जाए। उन्हाेंने कहा कि छेड़खानी करने वाले या फिर महिलाओं के ऊपर अपराध करने वालों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य केवल यह है कि महिला अपने अधिकारों को समझे तभी उनका विकास है। क्योंकि आज आधी आबादी महिलाओं की है। ऐसे में महिलाएं जागरूक होंगी तभी समाज का विकास होगा। साथ ही यह भी बताया कि मदर फाउंडेशन के सहयोग से जिले में महिलाओं को जागरूक किया जाने का उद्देश्य है। इसमें महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा, सरकार की तरफ से चलने योजनाओं की जानकारी और उनके तरफ से महिलाओं की मिलने वाली सुविधाओं बताया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी जिले में विधवा पेंशन, घरेलू हिंसा, मनरेगा में महिलाओं को काफी परेशानी है। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है। यह जागरूकता अभियान इससे पहले बस्ती, मैनपुरी, कानपुर, बनारस में शुुरू की जा चुकी है। जल्द ही लखनऊ में भी इसकी शुरूआत की जाएगी। उन्हाेंने बताया कि महिलाओं या बालिकाओं को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर 1090 पर काल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। इस दौरान उनके साथ राज्य महिला आयोग की सदस्य जुबैदा चौधरी उपस्थित रही।