सिद्धार्थनगर। जिले में गर्भवती व नवजात की सेहत का जिम्मा संभालने वाली 3112 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व 79 सुपरवाइजरों को जल्द ही स्मार्ट फोन दिया जाएगा। इससे उन्हें मैनुअल रिपोर्टिंग से मुक्ति मिलेगी। इससे लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
2022 तक कुपोषण मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने और आंगनबाड़ी केंद्रों को निरंतर क्रियाशील रखने के साथ ही कार्यकर्ताओं को हाईटेक करने की कवायद तेज हो गई है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के अपने क्षेत्र के सभी परिवारों का व्यापक समावेश, सभी सदस्यों का परिवार वार यथासंभव यूआईडी जुड़े सदस्यों का पंजीकरण, आंगनबाड़ी केंद्र के अपने क्षेत्र के आईसीडीएस लाभार्थियों की सूची का स्वत: सृजन के अलावा रीयल टाइम रिर्पोटिंग समेत सूचनाओं के आदान प्रदान समेत पारस्परिक संचार तंत्र मजबूत करने के लिए स्मार्ट फोन मुहैया कराने की कवायद अंतिम चरण में है। स्मार्ट फोन मिलने के बाद कार्यकर्ताओं को मैनुअल अभिलेखीय कार्य से मुक्ति मिल सकेगी। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के समय से खुलने, बच्चों की उपस्थिति की सच्चाई जानने के लिए प्रत्येक कार्यदिवस का फोटो अपलोड भी करना होगा।
मिलेगा प्रतिमाह पांच सौ
कार्यक्रम का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन कराने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रति माह पांच सौ रुपये दिए जाएंगे। इससे पूर्व उन्हें स्मार्ट फोन, सिम व शुरूआत में तीन माह का इंटरनेट रिचार्ज भी मुहैय्या कराया जाएगा।
मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण कल से
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन चलाने को लेकर अहम जानकारियां देने के लिए प्रथम चरण में 2 सौ मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम तय किया गया है। विकास भवन के आंबेडकर सभागार में 16 जनवरी से 19 जनवरी तक, 21 जनवरी से 24 जनवरी तक, 28 जनवरी से 31 जनवरी तक विकास खंड नौगढ़ के सभागार में होगा। इन्हें लखनऊ से आई टीम द्वारा टिप्स दी जाएंगी। द्वितीय चरण में उपरोक्त मास्टर ट्रेनर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे।
रजिस्टर से मोबाइल फोन पर डेटा संकलन करना चुनौतीपूर्ण है। बावजूद इसके प्रशिक्षण के माध्यम से इसे आसान बनाया जाएगा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के लिए परफार्मेंस आधारित इंसेंटिव भी दिया जाएगा। यह उन्हें मोबाइल प्रणाली अपनाने को प्रेरित करेगा।
विनय कुमार स्वस्थ भारत प्रेरक और जिला समन्वयक पोषण अभियान