किसानों ने कलेक्ट्रेट में पशुओं को बंद किया
फसल खाने से नाराज होकर किसानों ने जताया विरोध
जल्द समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। छुट्टा पशुओं के आतंक से परेशान किसानों का सब्र शुक्रवार को जवाब दे गया। प्रशासन की ओर से छुुट्टा पशुओं की कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होता देख किसानों ने सैकड़ों की संख्या में छुट्टा पशुओं को कलेक्ट्रेट परिसर में लेकर पहुंच गए और उन्हें परिसर में बंद कर दिया। इस बीच डीएम सहित कोई भी अधिकारी परिसर में मौजूद नहीं था। किसानों ने पशुओं के नियंत्रण की मांग की। मांगे पूरी न होने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी।
मुख्यालय से सटे मधुकरपुर, साड़ी, महनगा, भीमापार सहित अन्य गांव के किसान रामनिवास, मोहन यादव, कैलाश नाथ, बेचई आदि किसानों ने सैकड़ों की संख्या में छुट्टा पशुओं को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच गए। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में पशुओं को बंद कर दिया और विरोध जताया। डीएम से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन डीएम की गैरमौजूदगी से मुलाकात नहीं हो पाई। फसल नुकसान से आहत किसानों का कहना था कि छोड़े गए छुट्टा पशु खेतों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। गेहूं की फसल को खा जा रहे हैं। दिन-रात खेत की रखवाली कर रहे हैं। इसके बावजूद फसल नहीं बच पा रही है। किसान लागत लगाने के बाद भी नुकसान में है। किसानों की समस्याओं को देखते हुए छुट्टा को नियंत्रण किया जाए। कहा कि अगर मांगें पूरी न हुई तो किसान सड़कों पर उतरेगा और कार्यालयों में पशुओं को बंद कर दिया जाएगा। कोई भी कार्यालय नहीं चलने दिया जाएगा। जल्द से जल्द छुट्टा पशुओं को नियंत्रित किया जाए।