सिद्धार्थनगर। अनुदान के भरोसे बेटियों की शादी का सपना संजोए अल्पसंख्यक समुदाय के 337 परिवारों को समय सीमा खत्म होने के कारण शादी अनुदान योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। योजना की अवशेष राशि 67.40 लाख रुपये सरेंडर कर दी गई है। लक्ष्य पूर्ति न हो पाने का कारण शासन स्तर पर स्थगित योजना को दोबारा चालू करने में देरी को माना जा रहा है।
अल्पसंख्यक परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए 20 हजार रुपये की सहायता देने की शादी अनुदान योजना संचालित होती रही है। सूबे की सत्ता संभालने के बाद योगी सरकार ने इस योजना पर रोक लगाते हुए समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत सामूहिक विवाह योजना लागू की थी। फरवरी में फिर शादी अनुदान योजना को प्रभावी करते हुए योजना में प्राप्त आवेदनों का सत्यापन कर लाभार्थियों को 20 हजार रुपये धनराशि खाते में भेजने का निर्देश दिया गया था। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को इस सत्र में कुल 740 लाभार्थियों का लक्ष्य आवंटित हुआ। इन्हें 31 मार्च तक योजना से लाभान्वित करना था। इसके सापेक्ष 867 आवेदन प्राप्त हुए थे।
आनन-फानन में प्रक्रिया कर जिले में दो चरणों में 403 लाभार्थियों के खाते में धनराशि ट्रांसफर की गई थी। अवशेष 337 लाभार्थियों के हिस्से की 67.40 लाख की धनराशि विभाग सरेंडर कर दी है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि बुधवार को ही 177 लाभार्थियों के खाते में पैसा ट्रांसफर किया गया है। कम समय में भी अधिकाधिक लाभार्थियों तक अनुदान पहुंचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन वित्तीय सत्र के समापन और बैंक के पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पर रिस्पांस न मिलने के चलते यह राशि सरेंडर करनी पड़ी है।