सिद्धार्थनगर। नेपाल सीमा से सटे खुनुवां गांव में जालसाजी कर नेपाली नागरिक की ओर से खरीदी गई करीब 40 बीघा जमीन जब्त कर ली गई है। शोहरतगढ़ एसडीएम कोर्ट ने इस भूमि को राज्य सरकार के नाम दर्ज करने का आदेश दिया है। नेपाली नागरिक ने फर्जी पते के आधार पर खुनवां व गुजरौलिया में भारी पैमाने पर जमीनों की खरीदारी की थी। शिकायत के बाद डीएम ने एसडीएम को पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया था। एसडीएम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया है। इस व्यक्ति के नाम पर सीमाई क्षेत्र में अभी और जमीन भी मौजूद है, जिसके विरुद्ध भी कार्रवाई चल रही है।
नेपाल के कपिलवस्तु जिला स्थित ग्राम विकास समिति बैदौली निवासी हजरत अली फकीर पुत्र वीपत ने शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के गुजरौलिया में वर्ष 2008 में जमीन खरीदी थी। इसमें उसने अपना पता ग्राम धानी, तहसील फरेंदा, जिला महराजगंज दर्शाया था। वहीं खुनवां में खरीदी गई जमीन मेें हजरत अली ने अपने पिता का नाम शब्बीर शेख और पता निर्मल हाइट्स, प्लाट नंबर-53, सेक्टर-16 प्राधिकरण पुणे महाराष्ट्र दर्शाया। यही पता व वलदियत दर्शा कर हजरत अली ने खुनवां में 60 अन्य गाटों में भी भारी पैमाने पर वर्ष 2014 में जमीनों की खरीदारी की। एक वर्ष पूर्व हजरत अली के जालसाजी की शिकायत डीएम से की गई। जिस पर डीएम ने एसडीएम शोहरतगढ़ को पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया। जांच और न्यायालय में प्रस्तुत किए गए अभिलेखों को साक्ष्यों से हजरत अली की कारगुजारी उजागर हो गई। एसडीएम ने उक्त सभी जमीनों पर से हजरत अली का अंकन निरस्त करते हुए उसके अंश की भूमि को राज्य सरकार के नाम दर्ज करने का आदेश पारित किया है। इस संबंध में एसडीएम शोहरतगढ़ सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि जमींदारी एक्ट के तहत दूसरे राष्ट्र का व्यक्ति यहां जमीन नहीं खरीद सकता। हजरत अली ने अलग-अलग नाम पते दर्शा कर जमीन खरीदी थी। इसे राज्य सरकार के नाम दर्ज करने का आदेश दिया गया है। उसने इसी तरह कई अन्य जमीनों की भी खरीदारी की है, जिसकी जांच की जा रही है। वहीं मामले की पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार उर्फ झब्बू पांडेय ने बताया कि हजरत अली ने नेपाली नागरिक होते हुए तथ्यों को छिपा कर भारी पैमाने में जमीनों की खरीदारी की थी। इसलिए एसडीएम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया है। हजरत अली के अन्य मामलों की भी सुनवाई हो रही है।