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तार जोड़ते समय आपूर्ति बहाल, युवक की मौत

Sat, 04 May 2019 11:12 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर/ चिल्हिया। सदर थाना क्षेत्र के कोड़रा ग्रांट गांव के टोला तेनुहवा में शुक्रवार की रात लोकल फाल्ट को सही करते समय एक युवक की करंट की चपेट से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह प्राइवेट लाइनमैन था। मौके पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में ले लिया। लेकिन परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। इस पर पुलिस ने परिजनों को शव सौंप दिया। परिजनों द्वारा शव को सुपुर्देखाक कर दिया गया।
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शुक्रवार की सुबह आई आंधी और पानी के बीच क्षेत्र के कोड़रा ग्रांट गांव के टोला तेनुहवा में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। गांव निवासी अब्दुल कयूम (26) प्राइवेट लाइनमैन का काम करता था। बताया जा रहा है अब्दुल शुक्रवार की शाम किसी से बात करने के बाद पोल पर चढ़कर लोकल फाल्ट को ठीक कर रहा था। इसी बीच बिजली आपूर्ति बहाल हो गई और वह करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलसकर नीचे गिर गया। लोगों द्वारा उसे घायलावस्था में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच अस्पताल की ओर से सदर पुलिस को सूचना दे दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा तो परिजनों ने इन्कार कर दिया। एसओ सदर डीसी चौधरी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर गए थे। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। इसके बाद पंचनामा करके शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

फोटो-
पंखे से बक्से में उतरा करंट, बालक की मौत
बिस्कोहर। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के फूलपुर राजा गांव में शनिवार की सुबह करंट की चपेट में आने से एक छह वर्षीय बालक की मौत हो गई। घटना उस वक्त हुई जब परिवार के लोग रिश्तेदारी में जाने की तैयारी में जुटे हुए थे। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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क्षेत्र के फूलपुर राजा गांव निवासी संतोष जायसवाल के साढू के घर में शादी थी। जाने के लिए परिवार के लोग शनिवार की सुबह तैयारी कर रहे थे। संतोष का छह वर्षीय पुत्र सत्यम भी परिवार के साथ तैयारी में जुटा था। बताया जा रहा है कि घर में चले रहे पंखे का तार कटा होने के कारण बगल के बक्से में करंट प्रवाहित हो रहा था। जैसे ही सत्यम का हाथ स्पर्श हुआ वह करंट की चपेट में आ गया। चीख सुनकर जब तक परिवार के लोग बिजली आपूर्ति को बंद करते वह गंभीर रूप से झुलस चुका था। आनन-फानन में परिजन उसे बिस्कोहर के एक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की जानकारी के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बुझ गया घर का इकलौता चिराग
बिस्कोहर। सत्यम की मौत से पूरा परिवार टूट गया है। जहां लोग खुशी के माहौल में मग्न थे और शादी सामारोह शिरकत करने की तैयारी में जुटे थे। वही, अचानक हुए हादसे ने परिवार को पल भर में सदमे डाल दिया। एक झटके में करंट की चपेट में आने से घर का इकलौता चिराग हमेशा- हमेशा के लिए बुझ गया। परिवार का दुलारा सत्यम छह वर्ष का ही थी, लेकिन उसके स्वाभाव चंचलता की वजह से पूरा गांव के लोग उसे मानते थे। इकलौता संतान होने के कारण परिवार के लोग उसे बहुत प्यार करते थे। रिश्तेदारी में जाने की जानकारी के बाद वह बहुत खुश था। मगर उसे क्या पता था कि आज उसका अंतिम दिन है और खुशी गम में बदलने वाली है। घटना की सूचना मिलने के बाद घर पहुंचने वालों की आंखें नम थीं। हर कोई उपर वाले को कोसता नजर आ रहा था। परिजनों के आंखों में आंसू देख हर किसी की आंखें नम थीं।
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