सिद्धार्थनगर। देश के 115 और सूबे के आठ अति पिछड़े जिलों में शामिल सिद्धार्थनगर में अफसरों-कर्मियों के 6815 पद रिक्त हैं। इससे जिले के विकास कार्य भी रफ्तार नहीं पकड़ पा रहे हैं। डीएम ने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर खाली पदों की जानकारी दी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही रिक्त पद भरे जाएंगे।
अति पिछड़े जिलों की घोषणा होने के बाद से ही समय-समय पर भारत सरकार की अलग-अलग टीमें जिले में पहुंचकर सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को लेकर प्रयासरत हैं। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह है कि विकास कार्यों को अमली जामा पहनाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों का टोटा रहेगा तो विकास तीव्र गति से कैसे होगा। समूह क और ख में प्रथम व द्वितीय स्तर के अधिकारी शामिल हैं। समूह ग में लिपिकीय वर्ग के कर्मी आते हैं। समूह घ में चतुर्थ श्रेणी कर्मी आते हैं।
शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग में सर्वाधिक पद खाली
जिले में विभागवार भेजे गए रिक्त पदों की रिपोर्ट में सबसे ज्यादा पद शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में खाली हैं। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में अधिकारियों, चिकित्सकों के 350 पद रिक्त हैं। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 3200 पदों पर तैनाती का इंतजार हो रहा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1040 पद खाली हैं, जिनमें चतुर्थ श्रेणी के 168 पद शामिल हैं। इसी प्रकार पंचायतीराज विभाग में 495, विद्युत वितरण निगम में 115, राजस्व विभाग में 255, पशुुपालन में 73, सरयू नहर खंड में 70, नलकूप खंड में 148, ड्रेनेज खंड में 86, कृषि विभाग में 205, भारत संचार निगम लिमिटेड में 111, ग्राम्य विकास विभाग में 169 पद खाली चल रहे हैं।
समूह का नाम स्वीकृत पद रिक्त पद
क 55 20
ख 496 211
ग 16002 5518
घ 4300 1066
जनपद में विभागवार अधिकारियों, कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए मुख्य सचिव को संपूर्ण विवरण के साथ सूची भेज दी गई है। जल्द ही तैनाती के लिए ठोस पहल की उम्मीद है।
- कुणाल सिल्कू, जिलाधिकारी