सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के सात वार्डों में शुक्रवार की रात से शनिवार सुबह 11 बजे तक बिजली कटौती से लगभग 15 हजार की आबादी उमस भरी गर्मी में हलकान रही। कटौती के चलते लोगों को पेयजल संकट से भी जूझना पड़ा। कटौती के कारण पूछने पर विभागीय अफसर लोकल फाल्ट की बात कहकर जिम्मेदारियों से पीछा छुड़ा लेते हैं। लगातार कटौती से जनप्रतिनिधि भी अनभिज्ञ हैं।
बीते एक पखवारे से शहर समेत पूरे जिले में बिजली कटौती से उपभोक्ता जूझ रहे हैं। घोषित व अघोषित तरीके से बाधित आपूर्ति के चलते उमस भरी गर्मी में सांसत झेलनी पड़ रही है। जर्जर तारों के टूटने, ट्रांसफार्मरों की खराबी इत्यादि मुद्दे पर विभागीय अफसर व कर्मी अक्सर आपूर्ति ठप कर देते हैं। नगर पालिका के सात वार्डों को समेटे पुराना नौगढ़ कस्बे में शुक्रवार दोपहर बाधित बिजली आपूर्ति शनिवार दोपहर बाद ही बहाल हो सकी। इस दौरान उमसभरी गर्मी में उपभोक्ता उबलते रहे। परेशानियों को दूर करने की दिशा में कोई दिलचस्पी नहीं ली जा रही है। आपूर्ति ठप होने के कारण वाटर सप्लाई भी नहीं हो सकी। जिसके चलते लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कस्बे के रफीक अहमद, सुनील अग्रहरि, जीशान लारी, निरंजन अग्रहरि आदि ने आरोप लगाया कि जर्जर तार बदलने के नाम पर कटौती की गई और शाम को भी सप्लाई नहीं दी गई। इस संबंध मं अधिशासी अभियंता पीएन प्रसाद ने बताया कि शहर में बिजली कटौती का कारण जर्जर तारों के बदलने को लेकर हुआ होगा। जानबूझकर आपूर्ति न होने का मामले की जानकारी लेंगे। जहां तक अन्य क्षेत्रों में आपूर्ति का सवाल है, उच्च स्तर से कटौती होने के साथ ही लोकल फाल्ट से ही भंग की जाती है।
अंधेरे में रहे नगरा फीडर के कई गांव
जोगिया ब्लॉक के नगरा फीडर से जुड़े सैकड़ों गांवों में आपूूर्ति ठप रही, जिससे उपभोक्ताओं को रातभर परेशानी उठानी पड़ी। उमस में बच्चों को सर्वाधिक परेशानी हुई। सिसवा बुजुर्ग, देवरा बाजार, टुगौरा, पारा नानकार, पारा बाजार, भिटिया, बकुरहवा, मेहनिया, दत्तपुर, कटहना आदि गांवों के उपभोक्ता हलकान रहे। सिसवा बुजुर्ग के ग्राम प्रधान नागेन्द्र नाथ तिवारी ने कहा कि बिजली निगम बिल देने में अव्वल, पर सुविधा देने में फिसड्डी साबित हो रहा है।