सिद्धार्थनगर। आरटीआई के तहत सूचना उपलब्ध कराने में हीलाहवाली व लेटलतीफी जिले में तैनात आठ अफसरों को भारी पड़ी है। राज्य सूचना आयोग ने उन पर 25-25 हजार का अर्थदंड लगाया है। इसमें एक एसडीएम व पांच ब्लॉकों के बीडीओ शामिल हैं। कार्रवाई की जद में आए अधिकांश अधिकारियों का जिले से तबादला हो चुका है। आयोग ने प्रमुख सचिव राजस्व व मुख्य कोषाधिकारी को पत्र भेजकर सभी अफसरों के वेतन से धनराशि की रिकवरी के आदेश दिए हैं। दो अफसरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई को भी कहा है।
भीमापार गांव निवासी देवेश मणि त्रिपाठी ने आरटीआई के तहत खुनियांव, खेसरहा, नौगढ़, लोटन व शोहरतगढ़ ब्लाकों से ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों के बारे में सूचना मांगी थी। इसी तरह सदर के एसडीएम व जिला कार्यक्रम अधिकारी से भी सूचना देने के लिए आवेदन सौंपा था। बार-बार आवेदन देने के बाद भी उन्हें वांछित सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। प्रथम अपीलीय अधिकारी भी सूचना उपलब्ध कराने में नाकाम रहे। हर तरफ से निराश होने के बाद आवेदक ने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया। विभिन्न तिथियों पर सुनवाई के बाद आयोग ने संबंधित अधिकारियों को आरटीआई के नियमों की अवहेलना का दोषी पाते हुए जुर्माना लगाया है। आदेश के तहत सदर के पूर्व एसडीएम योगानंद पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी रहे विपिन कुमार यादव, जनवरी 2016 से जनवरी 2017 तक रहे जिला कार्यक्रम अधिकारी, 23 नवंबर 2015 से 9 जून 2016 तक लोटन ब्लाक में पदेन बीडीओ, 16 सितंबर 2014 से 20 अगस्त 2015 तक शोहरतगढ़ व 21 जुलाई 2015 से 6 जनवरी 2017 तक खुनियांव के पदेन बीडीओ के अलावा, सदर ब्लाक के बीडीओ रहे केडी गोस्वामी, खेसरहा के बीडीओ राजाराम से 25-25 हजार रुपये की वसूली होगी।