75 सेंटर अधूरे, 27 शुरू ही नहीं
जिले में 176 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर होने हैं निर्मित
दो वर्ष से निर्मित हो रहे इन केंद्रों पर होनी है विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में निर्मित होने वाले 176 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के निर्माण कार्य दो वर्ष बाद भी पूरे नहीं हो सके हैं। इससे यहां के लोगों को घर के पास ही रक्त एवं मूत्र समेत विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा पाने के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य उपकेंद्रों (एएनएम सेंटर) पर महिलाओं एवं बच्चों समेत अन्य लोगों की भी स्वास्थ्य जांच कराने के उद्देश्य से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण कराया जाना है। वर्ष 2019-20 में जिले में 149 और वर्ष 2020-21 में 27 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के निर्माण कार्य कराए जाने हैं। इनमें 149 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण यूपी सिडको की ओर से किया जाना था, जो कि दो वर्ष बाद भी सिर्फ 74 सेंटर का निर्माण कार्य पूर्ण कर सका है। जबकि 75 सेंटर के निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। वहीं, 27 सेंटरों कानिर्माण कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग कराएगा, जिसके कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सके हैं। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत अस्थाना ने बताया कि कार्यदायी संस्थाओं को सेंटरों का निर्माण समय से पूर्ण कराने के लिए निर्देशित किया गया है, कहीं भी लापरवाही होगी तो कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जिले में 184 सीएचओ की नियुक्ति हुई है जो कई सेंटरों पर तैनात हैं और कार्य कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। इनमें अधिकांश सेंटर बंद पड़े हैं और सीएचओ सिर्फ कागज में कार्य करते दिख रहे हैं। वर्ष 2018-19 में कार्यदायी संस्था यूपी सिडको ने 60 सेंटर निर्मित कर विभाग को हैंडओवर कर दिया। इन सेंटरों पर भी अभी तक स्वास्थ्य जांच आदि कार्य नहीं किए जा रहे हैं।
सात लाख रुपये से निर्मित होने हैं सेंटर
उपकेंद्र स्तर पर सात लाख रुपये लागत से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण होना है। इससे एक कक्ष, शौचालय, फर्नीचर, रंगाई-पुताई और ब्रांडिंग समेत अन्य कार्य कराए जाने हैं। इनमें कई सेंटर की छत नहीं लगी है, तो कई के प्लास्टर नहीं हुए हैं। कई बिना रंगाई-पुताई के ही पड़े हुए हैं। जिन सेंटरों के निर्माण कार्य पूर्ण बताए जा रहे हैं, उनमें भी कई अधूरे हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के निर्माण का उद्देश्य स्वास्थ्य उपकेंद्रों (एएनएम सेंटर) को विकसित कर वहां स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई जानी हैं। यहां विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच समेत उपचार की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसके लिए यहां सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) की तैनाती की जानी है, जिस पर सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी होगी।
निर्माण के दौरान गिरी थी छत की शटरिंग
उसका ब्लॉक के उंचहरिया गांव में निर्मित हो रहे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के निर्माण के दौरान छत गिरने की शिकायत पर जांच टीम में शामिल आरईएस के जेई ने बताया कि छत नहीं, उसकी शटरिंग गिर गई थी, जिसे फिर से कराकर छत लगा दी गई। डीसीपीएम मानबहादुर ने बताया कि जहां मानक के अनुरूप कार्य नहीं पाए जाएंगे, वहां की रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को भेजने की कार्रवाई की जा रही है।