सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय लोक अदालत में 13 हजार 99 मुकदमों का निस्तारण हुआ। मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 24 वादों में पीड़ित पक्ष को 10102378 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलवाए गए। आठ लाख एक हजार 908 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किए गए। बैंकों से लिए गए ऋण द्वारा 17860862 रुपये का टोकन मनी जमा हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज गौरी शंकर गुप्ता की अगुवाई में किया गया। जिलाधिकारी कुणाल सिल्कूू, अपर पुलिस अधीक्षक मुन्ना लाल समेत समस्त न्यायायिक अधिकारी मौजूद रहे।
लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश गौरी शंकर गुप्ता ने सिविल प्रकीर्ण वाद के 6 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 3, वापसीजर प्रमाणपत्र के 14 वाद का निस्तारित करते हुए 4 लाख 45 हजार रुपया क्षतिपूर्ति के रूप में दिलवाया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्याम नारायण त्रिपाठी ने 6 मामलों का निस्तारण किया। अपर जिला सत्र एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 1, बिजली बिल के 2, सिविल मिसलेनियस के 1 का निस्तारण करते हुए 4 लाख 65 हजार रुपये, प्रथम विशेष अपर जनपद न्यायाधीश राम चंद्र यादव ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 2, सिविल मिसलेनियस के 1 वाद का निस्तारण करते हुए 6 लाख 15 हजार रुपये, अपर जनपद न्यायाधीश, एफटीसी कक्ष संख्या 1 रोहित रघुवंशी ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 3, सिविल मिसलेनियस के 1 वाद का निस्तारण करते हुए 15 लाख 65 हजार रुपये क्षतिपूर्ति दिलवाया।
अपर जनपद न्यायाधीश, एफटीसी कक्ष संख्या 2 निर्भय नारायण राय ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 1, फौजदारी के 1, सिविल मिसलेनियस के 1 वाद का निस्तारण करते हुए 60 हजार रुपये, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय चौधरी ने फौजदारी के 1007 वाद निस्तारित करते हुए 105230 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले। सिविल जज सिनियर डिवीजन महेंद्र कुमार ने 6 उत्तराधिकार वाद, 169 फौजदारी का निस्तारण करते हुए 8 हजार 220 रुपये अर्थदंड, सिविल जज जूडि. वाह्य न्यायालय बांसी देवेन्द्र कुमार ने फौजदारी के 226 वाद निस्तारित करते हुए 7 हजार 520 रुपये अर्थदंड वसूले। तहसीलों द्वारा 5745, थानों द्वारा 5621 वादों का निस्तारण किया गया। एआरटीओ द्वारा 9 वादों का निस्तारण किया गया। वहीं, पूर्वांचल बैंक द्वारा 67, बैंक आफ इंडिया ने 2, भारतीय स्टेट बैंक ने 113, पंजाब नेशनल बैंक ने 12, यूनियन बैैक ने 41, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स ने 2, इलाहाबाद बैंक ने 11, भारतीय दूर संचार निगम लिमिटेड ने 19 वादों का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में चल रहे दो मुकदमों का निस्तारण करतेे हुए सुलह के आधार पर दो परिवारों को एक साथ रहने को राजी किया गया।