सिद्धार्थनगर। संसद की कार्यवाही में विपक्षी दलों की ओर से बार-बार व्यवधान उत्पन्न करने से क्षुब्ध भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को सांसद जगदंबिका पाल के नेतृत्व में उपवास किया। सदर तहसील परिसर में गांधी प्रतिमा के समक्ष उपवास कर विपक्ष पर लोकतंत्र की मर्यादाओं के हनन का आरोप लगाया। इस दौरान कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों के सांसदों की सद्बुद्धि के लिए कामना की।
उपवास कार्यक्रम में सांसद ने कहा कि संसद लोकतंत्र की सर्वोच्च पंचायत है। वहां देशहित से जुड़े सभी अहम मुद्दों पर चर्चा होती है, कानून बनाए जाते हैं। जनता की समस्याओं का समाधान खोजा जाता है। सत्र के पहले चरण में लोकसभा में 12 घंटे 13 मिनट व राज्य सभा में 9 घंटे 35 मिनट बजट पर चर्चा हुई। बजट सत्र का दूसरा चरण पांच मार्च से छह अप्रैल तक रहा। इस दौरान भी कामकाज ठप होने का रिकार्ड बना। दूसरे चरण में लोकसभा में चार व राज्य सभा में आठ प्रतिशत कामकाज हुआ। लोकसभा में दोनों चरणों में कार्यवाही 34 घंटे 5 मिनट चल सकी, जबकि 127 घंटे 45 मिनट बाधित रही। राज्यसभा में भी 44 घंटे कार्यवाही चली, जबकि 121 घंटे बाधित रही। 27 दिनों तक प्रश्नकाल नहीं चल सका।
बजट सत्र के दूसरे चरण का सारा समय विपक्ष में बैठी कांग्रेस की अनावश्यक व अशोभनीय हंगामे की भेंट चढ़ गया। संसद का महत्वपूर्ण समय अनावश्यक बर्बाद करने वाली विपक्षी सांसदों की सद्बुद्धि के लिए यह उपवास किया जा रहा है। विधायक डॉ.सतीश द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस एवं विपक्ष लोकतंत्र का गला घोंटने का काम कर रही है।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर, जिला प्रभारी दुर्गा राय, महामंत्री दिलीप चतुर्वेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष लालजी त्रिपाठी, परमात्मा पांडेय, बृजबिहारी मिश्र, नरेंद्र मणि त्रिपाठी, साधना चौधरी, श्यामसुंदर मित्तल, अखंड प्रताप सिंह, दीपक मौर्य, हेमंत जायसवाल, कौशलेंद्र त्रिपाठी, परमात्मा मिश्र, फतेबहादुर सिंह, सरोज शुक्ला, शिवशरण चौरसिया, फूलचंद जायसवाल, विनीत सिंह, अशोक त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।