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बाढ़ से हालातबेकाबू, तीन की मौत--

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जिले में बाढ़ से हालात बेकाबू
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सिद्धार्थनगर/ इटवा/ जोगिया। बाढ़ से जिले में हालात बेकाबू हो गए हैं। बुधवार को नदी में उफान से बूढ़ी राप्ती पर निर्मित दलपतपुर-परसौना बांध टूट गया। इससे इटवा, शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव पानी से घिर गए हैं। बूढ़ी राप्ती का जलस्तर बढ़कर लाल निशान से तीन मीटर ऊपर पहुंच गया है। यह नदी ककरहीं घाट के पास उच्चतम बाढ़ स्तर (88.87 मीटर) से महज 37 सेमी नीचे है। बांसी पुल पर राप्ती खतरे के निशान से 36 सेमी ऊपर है। यहां नदी प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से बढ़ रही है। कूड़ा नदी उसका में पुराने रेलवे पुल को छूने लगी है। लाल निशान से एक मीटर ऊपर कूड़ा का जलस्तर बढ़ता रहा तो ट्रेनों का संचालन भी बाधित होगा। बाढ़ के चलते लगातार तीसरे दिन भी बांसी-नौगढ़ हाईवे पर आवागमन बंद रहा। अब पुराना नौगढ़ पुल के पास जमुआर नाले का पानी आने से नौगढ़-बर्डपुर मार्ग भी बाधित हो गया है। नौगढ़-गोरखपुर मार्ग पर पकड़ी व मधवापुर के पास पानी आ गया है। नौगढ़-सोहांस, उसका-बृजमनगंज, ढेबरुआ-बेंवा, इटवा-बलरामपुर मार्ग पर पानी आने से आवागमन बंद हो गया है। प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक दो सौ से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। पांच दर्जन गांव पूरी तरह मैरुंड हो गए हैं। प्रशासन ने राहत सामग्री पहुंचाने का दावा किया है।
जिले में रविवार से ही बाढ़ के हालात बने हुए हैं। पिछले 48 घंटों में स्थिति और भयावह हो गई है। नेपाल से लगातार पानी आने के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जानकारों की मानें तो इससे पहले वर्ष 1998 में ऐसी बाढ़ आई थी, तब भारी तबाही मची थी। इस बार भी नदियों के उफान और तेज बारिश से वैसे हालात बन रहे हैं। बुधवार को बाढ़ के चलते नौगढ़-बर्डपुर मार्ग पर पानी चढ़ गया। पुराना नौगढ़ कस्बा तालाब में बदल चुका है। उसका नगर के मुख्य बाजार राजेंद्रनगर, लोहिया नगर, सुभाषनगर में एक फीट तक पानी लगा रहा। जोगिया कोतवाली के मालखाने तक बाढ़ का पानी पहुंचने से कई रिकॉर्ड भींग गए हैं। उसका के चित्तापुर-बेलसड़ बांध पर नौखनिया, चित्तापुर गांव के पास रिसाव से ग्रामीण सहमे हुए हैं। बाढ़ की तबाही के बीच मंगलवार को दोपहर बाद डीएम कुणाल सिल्कू, एसपी सत्येंद्र कुमार, शोहरतगढ़ विधायक चौधरी अमर सिंह आदि ने मोटर बोट से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
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राहत कार्य का दावा कर रहे अफसर
प्रशासन के मुताबिक तहसील नौगढ़ में 83, बांसी में 9, शोहरतगढ़ में 60 गांव बाढ़ प्रभावित है। तहसील नौगढ़ के 31 व बांसी के 4 व शोहरतगढ़ के 23 गांव मैरुंड हैं। दलपतपुर-परसौना बांध टूटने से इटवा व डुमरियागंज के भी कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। डीएम कुणाल सिल्कू ने बताया कि बानगंगा को छोड़कर सभी नदियां बढ़ाव पर हैं। तहसील बांसी में 2 व शोहरतगढ़ में 9 बाढ़ चौकी और कुल 7 बाढ़ राहत शिविर संचालित है। तहसील शोहरतगढ़ में लाई-चना का 1950 पैकेट वितरण किया गया है। तहसील नौगढ़ में 30, बांसी में 3 व शोहरतगढ़ में 15 कुल 48 नावें और तहसील नौगढ़ व शोहरतगढ़ में 2-2 मोटरबोट आवागमन व राहत कार्य में लगाई गई है।


बाढ़ से 20 तक बंद हुए 566 स्कूल
बाढ़ के भयावह रूप लेने के बाद जिले में कक्षा 8 तक के परिषदीय विद्यालयों को 20 अगस्त तक के लिए बंद कर दिया गया है। यह आदेश उन विद्यालयों पर प्रभावी होगा, जो बाढ़ से घिरे हुए हैं। बीएसए मनीराम सिंह के मुताबिक विभिन्न ब्लॉकों में 566 स्कूल बाढ़ के कारण बंद हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या जोगिया, शोहरतगढ़, नौगढ़, लोटन व उसका ब्लॉक क्षेत्र की है। इन स्कूलों को 19 तक बंद रखने का आदेश जिलाधिकारी ने दिया है। 20 को रविवार का अवकाश रहेगा।

नदियों का जलस्तर
नदी खतरे का निशान जलस्तर (मीटर)
जमुआर नाला 84.89 86.93
राप्ती 84.90 85.25
बूढ़ी राप्ती 85.65 88.14
कूड़ा 83.52 84.57
घोघी 87.00 87.70
बानगंगा 93.42 91.30
(रिपोर्ट शाम 5 बजे तक की है)

उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर है जमुआर नाला
नगर के सटकर बहने वाला जमुआर नाला का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर से भी अधिक हो गया है। नाले का उच्चतम बाढ़ जलस्तर 86.04 मीटर है, जबकि बुधवार को जलस्तर 86.93 मीटर रिकार्ड किया गया है। उच्चतम बाढ़ का स्तर वर्ष 1998 की बाढ़ में रिकार्ड किया गया था। कुछ ऐसा ही हाल बूढ़ी राप्ती का भी है, जो इस स्तर से महज 37 सेमी नीचे है।

बाढ़ में किशोर डूबा, चरवाहा बहा
इटवा। नदियों में अचानक पानी बढ़ने से किशोर समेत दो लोगों की मौत हो गई है। ढेबरुआ में जहां सिकरी नाले के पास नहाते समय एक किशोर की डूबने से मौत हो गई है। वहीं त्रिलोकपुर के सिरा में चरवाहा तेज बहाव में बह गया। काफी प्रयास के बाद भी उसका पता नहीं चल सका है। बाढ़ में फंसे दो अन्य लोगों को नाव के जरिए बाहर निकाला गया। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के नावडीह कठेला जनूबी के टोला बेलहर निवासी अब्दुल जब्बार का पुत्र 15 वर्षीय सोनू सिकरी नाले के पास नहा रहा था। इसी दौरान जलस्तर बढ़ने से वह गहरे पानी में चला गया। डूबने से उसकी मौत हो गई। उधर, त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के सिकरा गांव निवासी चिनकन यादव, पथेरी, बेचू यादव और धनई भैंस चराने गदाखौवा बंधे के पास गए थे। अचानक पानी बढ़ते देख चिनकन यादव व पथेरी डर कर वहीं रुक गए। धनई यादव व बेचू तैर कर वापस आने लगे। बेचू तेज धार में आने में सफल रहा, लेकिन धनई (55) पानी की तेज धार मे बह गया। धनई के पानी में बहने व दो अन्य के फंसे होने की सूचना किसी ने भाजपा विधायक सतीश चंद्र द्विवेदी को दी। उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। त्रिलोकपुर थानाध्यक्ष के प्रयास से नाव के जरिए चिनकन व पथेरी को सकुशल बाढ़ क्षेत्र से बाहर लाया गया। बुधवार की शाम तक धनई के बारे में कोई सूचना नहीं मिल पाई थी। तलाश जारी है।

जोगिया पीएचसी में भरा पानी, मसिना में हुआ इलाज
जोगिया। क्षेत्र के जोगिया पीएचसी में पिछले तीन दिनों से पानी भरा हुआ है। अस्पताल तक पहुंचने का कोई साधन नहीं है। बुधवार को पीएचसी प्रभारी डॉ. आशीष अग्रहरि ने प्राथमिक विद्यालय करौंदा मसिना में कैंप लगाकर मरीजों की जांच की और उन्हें जरूरी दवाएं दीं। इस दौरान सर्दी, बुखार सहित अन्य संक्रामक बीमारी से पीड़ित 50 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें जरूरी दवाएं दीं। डॉ.आशीष अग्रहरि ने बताया कि बाढ़ के कारण पूरा अस्पताल पानी से घिरा हुआ है। इस वक्त संक्रामक बीमारी तेजी से फैल रहा है, लोगों को उचित इलाज मिले इसे देखते हुए ककरही व करौंदा मसिना में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। जब तक पानी हटेगा नहीं इसी तरह कैंप लगाकर इलाज किया जाएगा। इस दौरान चीफ फार्मासिस्ट ओमप्रकाश तिवारी, अशोक मिश्र, सोमनाथ, श्याम नरायन, दिनेश पांडेय, विजय, अनस अंसारी, जगदेव आदि मौजूद रहे।
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बाढ़ में डूबने से एक की मौत
जोगिया। तेज बरसात के कारण आई बाढ़ के बहाव से उफनाई नदी में समाने से एक व्यक्ति की जान चली गई। घटना जोगिया कोतवाली अंतर्गत जोगमाया मंदिर के पास की है। काफी खोजबीन के बाद डूबे व्यक्ति का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जोगिया गांव निवासी अखिलेश पांडेय (45) मंगलवार की शाम जोगिया चौराहे पर सामान लेने आ रहा था। मार्ग पर करीब तीन फीट तक लगे पानी के बीच से होते हुए वह जोगमाया मंदिर के पास पहुंचा था, तभी पैर फिसल गया। चीख-पुकार सुनकर लोगों की नजर उस पर पड़ी। उसे बचाने के लिए दौड़ते तब तक वह पानी में डूब गया। घंटों खोजबीन के बाद उसका शव पाया गया। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अखिलेश की पैर फिसलने से डूबकर मौत हुई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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