सिद्धार्थनगर। बिजली विभाग का दावा है कि जिला मुख्यालय पर पौने चौबीस घंटे बिजली मिल रही है। विभाग के इस कागजी आंकड़े का हकीकत से कोई सरोकार नहीं है। शनिवार सुबह सात बजे आधे घंटे बिजली गुल रही। उसके बाद 15-20 मिनट के लिए फिर दिन में सात बार आपूर्ति बाधित रही। यह आपूर्ति रेलवे क्रॉसिंग के एक छोर की है। क्रॉसिंग के उत्तरी छोर पर मुख्य बाजार में कई चरणों में घंटों बिजली गुल रही। बमुश्किल 16-18 घंटे आपूर्ति के बावजूद विभाग के पौने 24 घंटे आपूर्ति के दावों पर उपभोक्ता भड़क उठे हैं। कड़ी नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी है कि अगर विभाग कागजी खेल से बाज आकर आपूर्ति नहीं सुधारता तो आंदोलन को बाध्य होंगे।
पूरब पड़ाव निवासी विनोद अग्रहरि कहते हैं कि सरकार ने 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था और कहा भी जा रहा है कि पौने 24 घंटे बिजली दी जा रही है, लेकिन हालत यह है कि बमुश्किल 16-18 घंटे बिजली मिल रही है। यह आपूर्ति भी कई शिफ्टों में होती है। कटौती के कारण परेशानी हो रही है। वार्ड 24 निवासी सोनू व मनीष साहू कहते हैं कि बिजली व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कागज में भरपूर बिजली दी जा रही है। पहले से व्यवस्था गड़बड़ है। हीरा दुबे कहते हैं कि यहां लंबे समय से बिजली व्यवस्था गड़बड़ है। सरकार की घोषणाओं से लग रहा था कि इस बार कुछ सुधार हो जाएगा, मगर अब तो स्थिति और भी खराब हो गई है। जो बिजली मिल रही है, उसमें भी लो-वोल्टेज है। बावजूद विभाग का पौने 24 घंटे आपूर्ति का दावा गले से नीचे नहीं उतर रहा। इस संबंध में जेई विनय कुमार ने बताया कि बिजली आपूर्ति कितने घंटे की जानी चाहिए यह उच्चाधिकारी निर्धारित करते हैं। लोकल फॉल्ट पर कुछ क्षेत्रों की आपूर्ति बंद होती तो उसे तत्काल ठीक कर बहाल कर दिया जाता है। आपूर्ति का आंकड़ा औसत पर है।