जिला जेल के सामने परिसर में भाजपा की चुनावी सभा को संबोधित करते राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह।
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सिद्धार्थनगर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद देश में गुस्सा था। 56 इंच के सीने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वायुसेना को खुली छूट दी तो पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मार गिराया। इसके बाद देश में लोग खुश थे। लेकिन दो जगहों पर मातम छाया था। एक राहुल बाबा एंड कंपनी तो दूसरी बुआ और भतीजा। इन्हें डर था कि वोट बैंक खिसक जाएगा। राहुल बाबा के गुरु सैप पित्रोदा कहते हैं कि आतंकियों से बातचीत होनी चाहिए। लेकिन वह यह नहीं जानते कि यह सरकार भाजपा की है। अगर पाकिस्तान से गोली आएगी, तो हिंदुस्तान से गोला जाएगा।
वह गुरुवार को भाजपा प्रत्याशी सांसद जगदंबिका पाल के समर्थन में विजय संकल्प महारैली को जिला जेल सामने स्थित ग्राउंड में संबोधित कर रहे थे। कहा कि उमर अब्दुल्ला कहते हैं कि काश्मीर में दूसरा पीएम होना चाहिए। वह काश्मीर को हिंदुस्तान से अलग करना चाहते हैं। इस बार भाजपा की सरकार बनी तो काश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म कर देंगेे। कहा कि अगर भाजपा विपक्ष में भी रहती है, तो काश्मीर से हिंदुस्तान को कोई अलग नहीं कर सकता है। कहा कि दो साल पहले जेएनयू में नारा लगा था भारत तेरे टुकड़ेे होंगे, इंशा अल्लाह-इंशा अल्लाह, ऐसा बोलने वालों को भाजपा सरकार ने जेल भेजवाया। उन्होंने भीड़ से समर्थन हासिल करते हुए कहा कि अगर कोई ऐसा करता है तो उसकी सजा क्या होनी चाहिए। इस पर भीड़ ने हाथ उठाकर कहा कि जेल। कहा कि अगर गठबंधन आएगा तो निजाम राज आएगा। निजाम मतलब, नसीमुद्दीन, इमरान, मुख्तार, मसूद, आजम है।
कहा कि बुआ और भतीजा, राहुल एंड पार्टी का नेता कौन है। कोई नहीं बता सकता। अगर इनको मौका मिला तो सप्ताह में छह प्रधानमंत्री रहेंगे। पहले दिन राहुल गांधी मायावती, शरद पवार, चंद्रबाबू नायडू, ममता बनर्जी, अखिलेश इसके बाद रविवार को देश छुट्टी पर चला जाएगा। कहा कि यह गठबंधन केवल भ्रष्टाचार, परिवारवाद को बचाने के लिए हुआ है। उन्होंने सांसद जगदंबिका पाल के समर्थन में लोगों से वोट देने की अपील करते हुए उन्हें बेहद ऊर्जावान कार्यकर्ता बताया। इससे पूर्व भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका मार्ल्यापण कर स्वागत किया। इस दौरान सांसद जगदंबिका पाल, कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह, कैबिनेट मंत्री जय प्रकाश निषाद, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. सतीश द्विवेदी, श्याम धनी राही आदि मौजूद रहे।