सिद्धार्थनगर। लोकसभा चुनाव को जिले के कुछ अधिकारी प्रभावित कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में सकुशल चुनाव संभव नहीं है। इतना ही नहीं, कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं, जो सत्ता पक्ष के लिए काम भी कर सकते हैं। ऐसे अधिकारियों की संख्या जिले में 18 है। इनकी शिकायत स्थानीय लोगों ने चुनाव आयोग के पोर्टल नेशनल जियोडेटिक रिफरेंस सिस्टम (एनजीआरएस) पर की है। इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी बताया गया है कि कुछ ऐसे भी अधिकारी हैं, जो अपना कार्यकाल जिले में पूरा कर चुके हैं। लेकिन प्रशासन उनको बचाने में जुटा हुआ है। अब तक कुल 339 शिकायतें हुई हैं।
लोकसभा चुनाव में कोई अड़चन न होने पाए। इसके लिए चुनाव आयोग पूरी तरह से सतर्क है। चुनाव आयोग मतदाताओं व चुनाव से जुड़ी शिकायतों के लिए आयोग की ओर से पोर्टल लांच किया है। इसमें भारत का कोई भी नागरिक मतदाता पहचान पत्र, किसी व्यक्ति के प्रलोभन दिए जाने व कौन व्यक्ति चुनाव को प्रभावित कर सकता है। इस संबंध में शिकायत कर सकता है जिससे कि चुनाव प्रभावित न हो। आचार संहिता लागू होने के बाद आयोग के एनजीआरएस पर अब तक से 339 शिकायतें आ चुकी हैं जिनमें18 शिकायतें बेहद गंभीर हैं। इन 18 शिकायतों में कुछ ऐसे अधिकारी शामिल हैं, जो सत्ता पक्ष के इशारे पर काम कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे भी हैं, जिन पर चुनाव प्रभावित करने का भी आरोप लगा है। इसके अलावा एक अधिकारी ऐसा भी है, जो जिले का नागरिक है और उसकी तैनाती भी जिले में है। इसकी रिपोर्ट भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रशासन से मांगी है। लेकिन प्रशासन उस अधिकारी को बचाने में जुटा हुआ है। जबकि कुछ अधिकारियों पर तीन वर्ष से अधिक जिले में काम करने का भी आरोप लगा है। अन्य मामलों में मतदाता पहचान पत्र बनवाने, नाम में त्रुटियों को सही कराने, मतदान केंद्र पर समस्या सहित अन्य शिकायतें शामिल हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी सीताराम गुप्ता ने बताया कि चुनाव आयोग के पोर्टल पर लगातार शिकायतें आ रही हैं जिसका निस्तारण किया जा रहा है। अब तक 339 शिकायतें आई हैं जिनका धीरे-धीरे निस्तारण हो रहा है। कुछ ऐसे अधिकारियों की भी शिकायतें मिली हैं जिनका गृह जनपद बताया जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है।