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6 कुंतल दूषित मिठाई नष्ट कराई

Fri, 12 Aug 2016 10:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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डुमरियागंज में छापेमारी के दौरान बरामद मिलावटी मिठाई। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डुमरियागंज। खाद्य निरीक्षकों की टीम ने शुक्रवार को नगर स्थित मिठाई की दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 6 मिठाइयों का नमूना लिया। टीम ने दुकानों से बरामद करीब 6 कुंतल मिलावटी व दूषित मिठाई को राप्ती नदी के किनारे नष्ट करवाया।
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जिला अभिहित अधिकारी महेंद्र श्रीवास्तव की अगुवाई में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके त्रिपाठी, एसके मिश्रा, दिनेश सिंह, इंद्रदेव आदि ने डुमरियागंज के खीरामंडी में स्थित वैष्णवी खोवा भंडार और वेलकम स्वीट की दुकान पर जांच की। दुकानदारों से दुकान में मौजूद मिठाइयों के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान दोनों दुकानों से टीम ने बर्फी, रसगुल्ला, सोहन पापड़ी, मिल्क केक, छेना का नमूना लिया। वहीं दुकान में बड़ी मात्रा में मिलावटी व दूषित मिठाई पाई गई। इसे तत्काल राप्ती नदी के किनारे ले जाकर नष्ट करा दिया गया। इसकी मात्रा करीब 6 कुंतल बताई जाती है। 
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डुमरियागंज। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठते रहे। नगर के वंशीधर उर्फ बोधे, अमित अग्रहरि, बृजेश, पवन आदि ने बताया कि हर साल दुकानों पर छापेमारी की जाती है, मगर कार्रवाई नहीं होती।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जब भी डुमरियागंज में दस्तक देती है, तो इसकी आहट मिलावटी मिठाइयां बनाने वाली फैक्ट्रियों के मालिकों को हो जाती है और वे अपनी दुकानों पर ताला बंद कर चंपत हो जाते हैं। जिम्मेदार अधिकारी अगली बार कार्रवाई करने की बात कहकर लौट जाते हैं, मगर फैक्ट्रियों पर कार्रवाई का दिन कभी नहीं आता है।
लोगों ने बताया कि डुमरियागंज थाने के ठीक सामने और थानाध्यक्ष आवास परिसर के बगल में सरेआम मिलावटी मिठाई बनाने की फैक्ट्री संचालित है। इस ओर किसी की निगाह नहीं पड़ती। खीरामंडी में भी मिलावटी मिठाई तैयार हो रही है। कार्रवाई के तौर पर हमेशा ही दुकानदारों का नमूना लेकर अधिकारी अपना कोरम पूरा करते हैं। 
डुमरियागंज। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को छापेमारी में बरामद करीब 6 कुंतल मिलावटी मिठाई को नष्ट करवाने के लिए पुलिस की मौजूदगी में उसे ठेले पर लादकर राप्ती नदी के तट पर ले जाया गया। नदी में मिठाई फेंकने का विरोध करने पर उसे बंधे के किनारे मौजूद माघ मेला मैदान में मौजूद बरसात के पानी में फेंकवा दिया। यह देख वहां पर भैंस व गाय चरा रहे लोगों ने पानी में सड़ी मिठाई फेंकने से मना किया और कहा कि यहां पर जानवर पानी में नहाने और उसके बगल चरने के लिए आते हैं।
लोगों ने आशंका व्यक्त किया कि कहीं जानवर सड़ी मिठाई खाकर बीमार न हो जाएं। लोगों ने पानी में मिठाई फेंकने के बजाए उसे जमीन में दफन कर नष्ट करने की मांग की। मगर वहां मौजूद अभिहित अधिकारी महेंद्र श्रीवास्तव और पुलिस कर्मियों ने जबरिया पानी में ही मिठाई फेंकने की बात कही।
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