शोहरतगढ़। क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय, एक निजी स्कूल और 11 मदरसों में मंगलवार को बच्चों को खसरा-रुबेला का टीका लगाने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा। सीएचसी शोहरतगढ़ के चिकित्साधीक्षक डॉ. एसके पटेल ने पत्र भेजकर एसडीएम को मामले की जानकारी दे दी है।
एसडीएम अनिल कुमार को भेजे पत्र में पटेल ने बताया है कि प्राथमिक विद्यालय सिसई, जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल रमवापुर खास, गुलाम नबी मदरसा चेतरा, अरबिया अहले सुन्नत मदरसा बगुलहवा के साथ ही नरायनपुर, रेहरा, भगवानपुर, रघुनाथपुर, मकतब, बगुलहवा, रमवापुर खास, सिसई, झंडेनगर स्थित मदरसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम को टीकाकरण की इजाजत नहीं दी गई। इन शिक्षण संस्थानों में कुल 1523 बच्चे पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने पर कुछ शिक्षण संस्थानों के गेट में ताला लगा दिया गया। कुछ मदरसों के बच्चों को घर भेज दिया गया। इस संबंध में एसडीएम ने कहा कि पत्र मिला है। एमआर टीकाकरण अभियान के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक की टीम गठित की गई है। टीम बुधवार मौके पर जाएगी और टीकाकरण के लिए प्रेरित करेगी।
तिलकहना व रमवापुर मदरसे में टीकाकरण
सिद्धार्थनगर। तिलकहना व रमवापुर मदरसे में मगलवार को बच्चों को एमआर के टीके लगाए गए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ अंतर्गत मदरसा अल जामेअतुल इस्लामिया तिलकहना में मंगलवार को शिक्षकों, अभिभावकों की मौजूदगी में 200 बच्चों को खसरा-रुबेला का टीका लगाया गया। सदर तहसील क्षेत्र केे मेमोरियल अल-सुब्हान पब्लिक स्कूल रमवापुर में 125 बच्चों मेें खसरा-रुबेला का टीका लगाया। प्रधानाचार्य शमा बानो ने अल्पसंख्यक समुदाय से टीकाकरण में सहयोग की अपील की।