फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साल भ्ार में 700 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा डीएपी का दाम

Mon, 29 Oct 2018 10:37 PM IST
siddharthnagar
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। खाद के बढ़ते मूल्य से किसान वर्ग चिंतित है। धान व गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ा तो किसानों पर डीएपी की बढ़ती कीमतों की मार पड़ गई। एक साल में 700 रुपये प्रति क्विंटल डीएपी के दाम में बढ़ोत्तरी हुई है। लिहाजा नाराज किसान संगठन आंदोलन की तैयारी में हैं। जिले की 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। जनपद की प्रमुख फसल धान व गेहूं है। गत एक वर्ष मेें डीएपी के दाम में प्रति क्विंटल 700 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसे में जो किसान पहले पांच बोरी खाद का इस्तेमाल करता था, अब वह तीन बोरी खाद का ही उपयोग कर पा रहा है। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि शासन की ओर से निर्धारित दामों पर ही डीएपी बेची जा रही है।
विज्ञापन


किसानों का शोषण कर रही सरकार
इटवा ब्लॉक के बगुलहवा ग्रांट गांव निवासी किसान हफीजुल्लाह गौरा गांव निवासी ज्ञानदास ने कहा कि सरकार किसानों की आय को दोगुना करने की बात कर रही है, लेकिन जब खाद, कृषियंत्र आदि महंगे हो जाएंगे तो किसान कैसे खेती कर पाएगा। बढ़नी ब्लॉक के परसा गांव निवासी किसान रामशंकर शुक्ल व खरिकौरा गांव निवासी विश्वनाथ यादव ने कहा कि बीते एक वर्ष में डीएपी के दाम 700 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गया। किसानों के साथ यह अन्याय है।

25 हजार मीट्रिक टन डीएपी का होता है प्रयोग
कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले की करीब चार लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की फसल होती है। जबकि करीब दो लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की खेती होती है। इस बार गेहूं बुआई के लिए 11 हजार 11959 मीट्रिक टन डीएपी आवंटित हुई है। जबकि धान के सीजन में
विज्ञापन

करीब 13 हजार मीट्रिक टन आवंटित होती है। वर्ष में 25 हजार मीट्रिक टन डीएपी आवंटित होती है।

डीएपी की दर
आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले वर्ष प्रति बोरी डीएपी (50 किलोग्राम) का मूल्य 1100 रुपये था। वर्तमान में यह दर में 1450 रुपये है।

बोले किसान नेता
सरकार किसान विरोधी है। किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। एक साल में 700 रुपये प्रति क्विंटल डीएपी का दाम बढ़ा दिया है, जो गलत है। सरकार किसानों को खेती से मुंह मोड़ने के लिए ऐसा काम कर रही है। अगर बढ़े हुए मूल्य को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन होगा।
विज्ञापन

-यार मोहम्मद चौधरी, जिलाध्यक्ष भाकियू भानु गुट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें