सिद्धार्थनगर। भारत में अटल बिहारी वाजपेयी के बिना राजनीति का कोई अध्याय पूर्ण नहीं हो सकता है। भारतीय राजनीति में उनके विरोधी भी उन्हें सम्मान देते थे। इससे सभी को सबक लेनी चाहिए।
ये बातें इटवा के विधायक व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. सतीश द्विवेदी ने कही। वे बुद्ध विद्यापीठ डिग्री कॉलेज नौगढ़ में अभाविप नगर इकाई की ओर से ‘मैं अटल बनना चाहता हूं’ विषयक परिचर्चा को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। कहा कि अटल जी ऐसे व्यक्तित्व के थे जो आजादी से पहले पैदा हुए, जिन्होंने विदेशों में नहीं, बल्कि भारत के शैक्षणिक संस्थाओं में शिक्षा ग्रहण कर और प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करते हुए विकास के मार्ग पर ले जाने का कार्य किया।
सदर विधायक श्याम धनी राही ने कहा कि उनका व्यक्तित्व जितना सरल था, उतना ही अपने लक्ष्यों के अति दृढ़ थे। वह भारत को विश्व शक्ति के रूप में देखना चाहते थे। परिचर्चा को सुरेंद्र मिश्रा, डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस मौके पर अभाविप के प्रांत सह मंत्री नित्यानंद शुक्ला, पशुधन प्रसार अधिकारी अरुण कुमार प्रजापति समेत डॉ. सूर्य नारायण त्रिपाठी, डॉ. राम नरेश मिश्रा, गिरिजेश त्रिपाठी, जिला विस्तारक शशांत, डॉ. उमरा जमाल, विनोद कुमार, सुनील यादव, विश्वास, आकाश, सुरेश आदि मौजूद रहे। संचालन जिला संयोजक सौरभ त्रिपाठी ने किया।