सिद्धार्थनगर। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 में व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कार्य न कराकर धनराशि को ग्राम निधि-6 के खाते में डंप किए जाने को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। ऐसे 47 ग्राम प्रधानों को पत्र जारी करते हुए सप्ताह भीतर स्पष्टीकरण देने की हिदायत दी है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर पंचायत जांच नियमावली के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू ने पत्र में लिखा है कि 2 अक्टूबर तक जनपद को खुले में शौच में मुक्त किए जाने का निर्देश है। ग्राम निधि-6 खाते के बैंक स्टेटमेंट के अनुसार समीक्षा में पाया गया कि धनराशि होने के बाद भी शौचालय निर्माण में जानबूझकर शिथिलता बरती जा रही है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में रूचि नहीं ली जा रही है। लिहाजा एक सप्ताह के भीतर साक्ष्य समेत स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर पंचायत राज जांच नियमावली के तहत कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। जिन ग्राम प्रधानों को नोटिस मिला है, उनमें डुमरियागंज ब्लॉक के कुस्मही, केवटली, कैथवलिया रेहरा, अदुंआ जमलाजोत, भलुवाही, भुईगवा, चकचई, जिमड़ी, गौहनिया राज, कुर्थीडिहा, अगया, बयारा, सागररौजा, तुरकौलिया तिवारी, इटवा ब्लाक के सेमरा, मेंहदानी, बैरवा, भावपुर मीरा, कोटखास, कड़जहवा ग्रांट, दुफेडिया, जमोहना, संग्रामपुर, कठेला जनूबी, जोगिया के सिसवा बुजुर्ग, करौंदा मसिना, बर्डपुर ब्लाक के बगही, अगया खुर्द, भगवानपुर, बरदगवा, जमुहवा, परसा, सेमरी, महदेवा कुुऌ्, दुल्हा सुमाली, बरगदी, बूड़ा, बर्डपुर नंबर 7, 8, 3, 4, 10, 12, 13, 2 व 9 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। जिलाधिकारी की ओर से भेजे गए पत्र की पुष्टि जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने भी की है।