सिद्धार्थनगर।जिला अस्पताल के कंगारू मदर केयर यूनिट (केएमसीयू) में शॉर्ट सर्किट से लगी आग को लेकर कई संगठन लामबंद हो गए हैं। इन लोगों ने घटना के लिए अस्पताल प्रशासन को जिम्मेदार बताते हुए मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने की मांग की। सवाल उठाया है कि अस्पताल की विद्युत वायरिंग के रिपेयरिंग मद में एक ही फर्म को पिछले दो वर्षों में लाखों रुपये का भुगतान किया गया है, बावजूद शॉर्ट सर्किट होना अनियमितता को उजागर करता है।
ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय महासचिव श्यामनारायण चौबे, विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, देवेश मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर असंतोष जताया। कहा, जिला अस्पताल के जिस अनुभाग में शॉर्ट सर्किट से आग लगी और मासूम की मौत हुई, वहां वायरिंग के मेंटीनेंस पर लाखों रुपये का भुगतान किया गया है। नजीर के तौर पर वर्ष 2015-16 में वायरिंग रिपेयरिंग मद में हुए खर्च का ब्योरा भी पेश किया। इसमें एक ही फर्म को मार्च माह में 13 बार में 67.15 लाख रुपये का भुगतान हुआ है।
हर साल इतनी ही रकम चहेती फर्म को दी जा रही है। बस्ती की यह फर्म एक विभागीय कर्मी के रिश्तेदार की है। पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जाए तो भ्रष्टाचार के बड़े मामले का पर्दाफाश होगा। लिहाजा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। डीएम कुणाल सिल्कू ने आश्वस्त किया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।