सिद्धार्थनगर। मुख्यालय के पॉश कालोनी इंदिरानगर के घरों में 48 घंटे से अंधेरा है। शुक्रवार देर रात से विद्युत आपूर्ति बाधित है। लोग उमस भरी गर्मी में रात जाग कर बिताने को मजबूर है। घरों के इन्वर्टर डिस्चार्ज हो गए। मोबाइल चार्ज कराने के लिए दूसरे मोहल्ले में जा रहे हैं। 48 घंटों में महज पांच घंटे आपूर्ति मिली है। जबकि मोहल्ले के लोगों ने समस्या को हल करने की मांग की है।
इंदिरानगर कालोनी में शुक्रवार की देर रात हुई बारिश के समय से विद्युत आपूर्ति बाधित है। देर रात करीब दो बजे कटी बिजली की आपूर्ति पूरे दिन नहीं आई। शाम करीब छह बजे आपूर्ति बहाल हुई। पांच घंटे बाद रात 11 बजे के करीब बिजली फिर गायब हो गई। दो घंटे बाद रात करीब एक बजे दस मिनट के लिए बिजली आई और चली गई। इसके बाद से कालोनी वासियों को बिजली का दर्शन नहीं हुआ। विद्युत विभाग की उदासीनता को लेकर लोगों में खासी नाराजगी व्याप्त है। पूर्व अध्यक्ष सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन वीरेंद्र श्रीवास्तव कहते हैं कि विभाग निरंकुश होता जा रहा है।
शुक्रवार की सुबह जगन्नाथ प्रसाद से चौधरी के घर के बीच विद्युत तार जलने लगा था। फोन करके लाइन बंद कराया लेकिन शिकायत दूर करने के लिए पांच घंटे बाद कर्मचारी पहुंचे। लगता है कि अधिकारी व कर्मचारियों मनमानी चरम पर पहुंच गई है। इस संबंध में जल्द ही उच्चाधिकारियों से कालोनीवासी मिलेंगे। प्रवक्ता सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज रंजनी रंजन कहते हैं कि 48 घंटों से कॉलोनी में बिजली नहीं है। रेलवे लाइन के दक्षिणी छोर पर विभाग बेहतर आपूर्ति दे रहा है।
विभाग की इस अनदेखी पर कालोनीवासी शासन स्तर पर शिकायत दर्ज कराएंगे। गृहिणी पूनम पांडेय कहती हैं कि योगी राज आने के साथ लगा था कि बिजली व्यवस्था सुधरेगी। लेकिन यह तो दिन -ब दिन बदतर होती जा रही है। रात को जब इन्वर्टर डिस्चार्ज हो गया तो गर्मी से त्रस्त बच्चों को रात 2 बजे रेलवे लाइन की दक्षिणी छोर पर स्थित सिविल लाइन मोहल्ला निवासी रिश्तेदार के घर ले गई। तब उमस से निजात मिली।
कॉलोनी में बिजली व्यवस्था घ्वस्त हो गई है। व्यवसायी जगन्नाथ प्रसाद कहते हैं कि बिजली विभाग समस्या को समाप्त नहीं कर रहा। करीब तीन दशक पूर्व के पुराने व जर्जर तार को जुगाड़ करके जोड़ दिया जाता है। जैसे ही लोड बढ़ता है वैसे ही तार टूटने लगते है। विभाग जब तक समस्या का समाधान नहीं करेगा, तब तक आपूर्ति दुरुस्त नहीं होगी। इस संबंध में जेई सुरेंद्र कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में है। आपूर्ति बहाल की जा रही है। जल्द ही वहां की समस्या को दूर किया जाएगा। एक्सईएन विद्युत विभाग एसके ओझा ने कहा कि इंदिरा नगर में जर्जर तार को बदलने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
अंधेरे में कलेक्ट्रेट परिसर
शुक्रवार देर रात हुई बारिश के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में लगा ट्रांसफार्मर जल गया। डीएम कुणाल सिल्कू ने शनिवार को विभागीय अधिकारियों को ट्रांसफार्मर बदलने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे का हवाला दिया। विद्युत विभाग ने आनन-फानन में कागजी घोड़े दौड़ाते हुए तैयारियां शुरू कर दी। लेकिन 48 घंटे बीतने के बाद भी कलेक्ट्रेट परिसर की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। दो दिनों से जनरेटर के भरोसे सरकारी काम-काज निपटाएजा रहे हैं। इस संबंध में जेई सुरेंद्र कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में है। जहां ट्रांसफार्मर लगा है, बारिश से वहां की जमीन दलदली हो गई है। इसलिए ट्रांसफॉर्मर बदलने में दिक्कत आ रही है।