पाेलिंग बूथ प्राथमिक विद्यालय गनवरिया खुर्द में नहीं लगा है दरवाजा, खिड़की।
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जिले के 469 मतदेय स्थल चुनाव के लिए तैयार नहीं है। यहां चुनाव ड्यूटी करने वाले मतदान कर्मियों को जरूरी मूलभूत सुविधाओं की कमियों का सामना करना पड़ेगा। समय सीमा के भीतर सब कुछ दुरुस्त करने का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। अधिकांश बूथ अंधेरे में डूबे हुए हैं। कुछ में शौचालयों की व्यवस्था मुकम्मल नहीं है। कुछ स्थानों पर पोलिंग पार्टियों को पानी की दुर्व्यवस्था से दो-चार होना पड़ सकता है।
जिले में विधानसभा चुनाव के लिए कुल 1959 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। चुनाव आयोग ने तीन माह पूर्व ही सभी मतदेय स्थलों का निरीक्षण कर वहां मिलने वाली कमियों को दूर करने का निर्देश दिया था। प्रशासन ने भी कमियों को दूर करने के लिए बड़े जोर-शोर से काम शुरू कराने का दावा किया। लेकिन परीक्षा की घड़ी आने तक सब कुछ फुस्स हो गया।
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल 361 मतदेय स्थल बनाए गए है। इनमें 61 ऐसे मतदेय स्थल है, जहां विद्यु़त व्यवस्था नहीं है। 2 स्थलों पर शौचालय व 3 में हैंडपंप नहीं है। कपिलवस्तु में 452 मतदेय स्थल है, जिसमें 52 में विद्युत व 3 में शौचालय नहीं है। बांसी के 389 मतदेय स्थलों के सापेक्ष 53 में विद्युत नहीं है।
इटवा के 341 के सापेक्ष 124 मतदेय स्थलों पर विद्युत व 5 में शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ है। डुमरियागंज के 416 के सापेक्ष 164 में विद्युत व 2 में शौचालय नहीं है। इस संबंध में अपर जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम बाबूराम ने कहा कि मतदेय स्थलों पर न्यूनतम मूलभूत सुविधाओं के संबंध में कार्रवाई चल रही है। अभी प्रशासन के पास एक माह का समय है। समय के अंदर सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। अगर कहीं काम पूरा नहीं किया जा सका तो उस मतदेय स्थल पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।