डुमरियागंज में आयोजित धरने में उपस्थित भीड़।
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डुमरियागंज। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य व पूर्व मंत्री विधायक मलिक कमाल युसुफ के नेतृत्व में मंदिर चौराहे पर धरना-प्रदर्शन हुआ। इसमें अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीब ठेले व झुग्गी वाले दुकानों को उजाड़ने के खिलाफ आवाज बुलंद की गई। इस दौरान दुकानों को उजाड़ने के बजाय उन्हें सड़क पटरी से पीछे कराने की मांग की गई।
पूर्व मंत्री मलिक कमाल युसुफ ने कहा कि यह धरना अतिक्रमण के खिलाफ नहीं है। लेकिन नगर व तहसील प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने के दौरान जिन दुकानों को उजाड़ा गया, वह बेहद गरीब हैं। गरीबों पर जुल्म और अत्याचार वह नहीं होने देंगे। ठेले और झुग्गी वाले दुकानदारों को उजाड़ने के बजाय उन्हें पीछे दुकान लगाने की हिदायत दें। कहा कि वर्ष 2004 में नगर में सीसी रोड और नाला निर्माण के दौरान किसी के घर को नहीं गिराया गया। सड़क किनारे दुकानदारों को भी नहीं हटाया गया था। अगर नगर प्रशासन ने अतिक्रमण नहीं रोका, तो वह आगे भी धरना प्रदर्शन के साथ ही जेल भरो आंदोलन का एलान करेंगे।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता इरफान मलिक ने कहा कि प्रदेश में अतिक्रमण के नाम पर सरकार फुटपाथ पर दुकान रखकर रोजी रोटी कमाने वाले गरीब दुकानदारों को उजाड़ने का जो काम कर रही है। इसका पार्टी विरोध करती है। धरने को जिलाध्यक्ष सुखराज यादव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सलमान मलिक, दिनेश पांडेय, साकिब मलिक, काजी नियामतुल्लाह आदि ने संबोधित किया। संचालन युवा नेता जीतेंद्र यादव ने किया। सूफियान अख्तर, फुजेल अहमद बब्लू, राजू बीडीसी आदि मौजूद रहे।
सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण अवैध
डुमरियागंज। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता इरफान मलिक ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान ठेले व झुग्गी में फल की दुकान लगाने वाले अस्थायी दुकानदारों को अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ दिया गया। जबकि सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण कर अवैध तरीके से कब्जा करने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह प्रशासन का पक्षपात रवैया है।