सिद्धार्थनगर। जिले में यूरिया की किल्लत होने से किसान परेशान हैं। जिन दुकानों पर उपलब्ध है, वहां प्रति बोरी(50 किग्रा) के लिए 299 रुपये की बजाय 450-500 रुपये लिए जा रहे हैं। यह हाल तब है जब केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह स्थिति उस वक्त उत्पन्न हुई है जब धान के लिए यूरिया की सर्वाधिक आवश्यकता है। किसान परेशान हैं करें तो क्या करें। क्योंकि जल्द ही यूरिया न डाली गई तो धान की पैदावार पर असर पड़ेगा।
जोगिया क्षेत्र किसान सोमई, दीनानाथ, ओमप्रकाश आदि का कहना है कि समितियों पर यूरिया नहीं है। बाजार में 299 रुपये की यूरिया को दुकानदार 450 रुपये ले रहे हैं। कहीं- कहीं तो जबरिया खराब क्वालिटी को जिंक देकर उसके लिए भी 100 रुपये अधिक ले रहे हैं। इटवा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में इस वर्ष अच्छी बारिश होने के कारण खरीफ की फसल से किसानों में खुशी की लहर थी। मगर यूरिया की किल्लत से किसानों की यह खुशी अब गायब हो गई है। जब बाजार में यूरिया की किल्लत शुरू हो गई। यह स्थिति पिछले 20 दिनों से है। दुकानदारों की माने तो अभी यूरिया की कोई खेप आने की उन्हें जानकारी नहीं है। एसडीएम इटवा त्रिभुवन कुमार का कहना है कि यूरिया की स्थिति की जानकारी है। यूरिया की आपूर्ति के लिये व्यवस्था की जा रही है।
बर्डपुर प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बा समेत मोहनाजोत, बजहा, मंझरिया, मधुबेनिया, करीमपुर, रमवापुर, मोहाना बाजार, युसूफपुर, नोनहवा, धनगढ़वा सहित क्षेत्र के खाद दुकानों पर यूरिया की भारी किल्लत है। सोनबरसा निवासी शोएब अहमद ने बताया कि किसान यूरिया को लेकर परेशान हैं। वहीं हर रोज खाद की तस्करी नेपाल में हो रही है। बनकटवा निवासी रामनिवास यादव ने कहा सरकार किसानों के लिए तमाम दावे कर रही है। क्षेत्र के किसानों को डीएपी व यूरिया नहीं मिल पा रही है। अगर किसी दुकानदार के पास यूरिया उपलब्ध भी है तो प्रति बोरी का 500 रुपया वसूल रहा है। मोहनाजोत निवासी संजय चौधरी ने बताया कि क्षेत्र के किसानों को यूरिया की काफी दिक्कत है। खरीफ की फसल को इस समय यूरिया की बेहद जरूरत है लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। मजिगवा निवासी नरेंद्र मिश्र ने बताया कि यूरिया मिलने के कारण फसल की पैदावार पर असर पड़ेगा।
भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लॉक के बिस्कोहर, बिजौरा, बिशुनपुर हरी, बिलरिया, पेड़रिया, देवरिया चमन, भड़रिया, महुआ खुद मन्नीजोत, बुढ़ऊ, सोहना, भनवापुर आदि चौराहों पर दुकानदार यूरिया की कालाबाजारी कर रहे हैं। किसान खदेरू, मनौव्वर अली, टिर्रे, रामलखन, सुकई यादव मसौव्वर अली आदि ने बताया कि सरकार किसान हित की बात कर रही है जबकि वह एक-एक बोरी यूरिया के लिए दिक्कत हो रही है।
सड़क पर उतरकर करेंगे प्रदर्शन
भाकियू भानू गुट के जिलाध्यक्ष यार मोहम्मद चौधरी ने कहा कि पूरे जिले में यूरिया के लिए हाहाकार मचा हुआ है। किसान एक बोरी के लिए लाइनों में लगने को विवश है। बड़े पैमाने पर यूरिया की काला बाजारी की जा रही है। दुकानदार 299 रुपये की यूरिया को 450 या इससे अधिक रकम ले रहे हैं। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई और यूरिया उपलब्ध नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
इस समय धान की फसल में नाइट्रोजन की काफी जरूरत है। कारण धान की फसल में बाली फूटने का समय हो गया है। ऐसे में किसानों को चाहिए कि जितनी जल्दी हो सके फसल में यूरिया डाल दें। जिससे पैदावार अच्छी हो सके।
- डॉ. मार्कंडेय सिंह, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र सोहना
यूरिया की कमी पूरे जिले मेें है। कारण कंपनियों का जो आपूर्ति का लक्ष्य था वह पूरा हो गया है। मंडलीय बैठक में आपूर्ति के लिए सहमति बनी है। शासन को पत्र गया है। जल्द ही यूरिया की किल्लत दूर हो जाएगी। रही बात अधिक दाम पर बेचने की। इसकी जांच की जा रही है, जिस भी दुकानदार की शिकायत मिली जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
- सीपी सिंह जिला कृषि अधिकारी