फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर्भावस्था से ही शिशु को संस्कारवान बनाने की पहल

विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। गायत्री शक्तिपीठ के महिला जागृति अभियान के तहत गुरुवार को विकास भवन के अंबेडकर सभागार में कन्या कौशल विकास शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में शांतिकुंज हरिद्वार से आयी डॉ. संगीता सारस्वत ने आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी विषय पर, गर्भावस्था में ही शिशु का प्रशिक्षण कैसे संभव है, इसे स्लाइड प्रोजेक्टर के जरिए समझाया। बताया कि शिशु को माता-पिता से केवल शरीर ही नहीं प्राप्त होता बल्कि मन और संस्कार भी मिलता है। ऋषियों ने जीवात्मा के जन्म-जन्मातरों व माता-पिता के संसर्ग से उत्पन्न दोषों के परिमार्जन और शुभ संस्कारों के रोपण का कार्य गर्भाधान के साथ ही संपन्न करने का विधान बताया है। उन्होंने कहा कि शिशु के शरीर व मन का संगठन उसके जन्म के बाद ही नहीं बल्कि गर्भावस्था से ही आरंभ हो जाता है। वैदिक व पौराणिक साहित्य में इस बात पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध हैं। आज भी दंपत्ति यदि इसका पालन करें तो अतीत की गौरवशाली परंपरा का पुनर्जीवन हो सकता है। शिविर के दौरान आने वाले दिनों में 108 गर्भस्थ माताओं का सामूहिक पुंसवन संस्कार संपन्न कराने का दायित्व लोगों को सौंपा गया। शांतिकुज से ही आए प्रभाकर सक्सेना ने कहा कि गांधी जयंती पर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नशामुक्ति संकल्पित हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा जाएगा। युवा प्रकोष्ठ के प्रभारी ऋषिदेव तिवारी ने कहा कि नशामुक्ति अभियान में जिले के लोग बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम का संचालन जिला संयोजक अशोक कुमार त्रिपाठी और आभार ज्ञापन डॉ.आरपी मिश्र ने किया। इस दौरान अखंड प्रताप सिंह, राणा प्रताप सिंह, शेषराम गौड़, पवन जायसवाल, प्रदीप गुप्ता, प्रेमनारायण त्रिपाठी, कृष्णभूषण त्रिपाठी, राम अवतार द्विवेदी, पीपी श्रीवास्तव, डॉ.नलिनीकांत मणि त्रिपाठी, साधना श्रीवास्तव, किरन श्रीवास्तव, कैलाशमणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें