संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया का डॉक्टर नहीं होने से मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऑपरेशन की सुविधा न होने से 300 बेड के मेडिकल कॉलेज में 33 मरीज ही भर्ती हैं, बाकी को रेफर भी किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में दो महीने से एनेस्थीसिया के डॉक्टर नहीं हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों के साथ अन्य को भी ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल रही है। एनेस्थीसिया के डॉक्टर की जब तैनाती थी, उस समय प्रतिदिन सात से आठ मरीजों का ऑपरेशन किया जाता था। उनका तबादला होने के बाद ज्यादातर मरीजों को गोरखपुर के लिए रेफर किया जा रहा है। ऐसे में कई मरीज निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवाने को मजबूर हैं।
मेडिकल कॉलेज में प्रोस्टेट का ऑपरेशन करवाने आए रघुनाथ ने बताया कि पेशाब न होने की समस्या रहती थी। डॉक्टर से जांच कराई तो पता चला कि प्रोस्टेट बढ़ा है, ऑपरेशन करवाना पड़ेगा। जानकारी मिली कि मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया के डॉक्टर नहीं हैं, ऐसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज व प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाने की सलाह मिली। आर्थोपेडिक्स विभाग में इलाज करवाने आए मरीज ने बताया कि बाइक से गिरने से हाथ फ्रैक्चर हो गया है। डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए बोले है, लेकिन एनेस्थीसिया का डॉक्टर नहीं होने से दूसरे अस्पताल में ऑपरेशन करवाना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया का डॉक्टर न होने से आर्थोपेडिक्स वार्ड में छह मरीज, जनरल सर्जरी वार्ड में 12 मरीज व मेडिसिन वार्ड में मात्र 13 मरीज भर्ती हैं।