सिद्धार्थनगर। जिले में भी राष्ट्रीय राजमार्ग समेत राज्य मार्गों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। लोक निर्माण विभाग समेत अन्य कार्यदायी संस्थाओं को जनपद की 450 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए 15 अक्तूबर तक समय सीमा थी। इसके तहत महज 150 किलोमीटर सड़क ही मरम्मत हो सकी। इस बीच शासन ने गड्ढामुक्त करने की तिथि 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी। लिहाजा जिले में शेष 300 किमी सड़कों की मरम्मत बड़ी चुनौती है। आगामी 10 दिनों में प्रतिदिन 30 किमी सड़क को गड्ढामुक्त करने के लिए जूझना पड़ेगा।
जिले में स्वीकृत हो चुके दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत जनपद की सभी प्रमुख व लिंक सड़कें बदहाल हैं। सांसद, विधायक से लेकर मंत्री, आला अफसर ही नहीं सीएम, डिप्टी सीएम भी गड्ढामुक्त सड़कों से वाकिफ हैं। एक माह पूर्व मुख्य सचिव की ओर से जारी फरमान के तहत सूबे की सभी सड़कों को 15 अक्तूबर तक गड्ढामुक्त करने के लिए समय दिया गया। बजट भी आवंटित हुआ। इसके तहत जिले में कुल 450 किलोमीटर सड़क की भी मरम्मत होनी थी।
इनमें लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, मंडी समिति, जिला पंचायत, गन्ना समिति जैसी कार्यदायी संस्थाओं की सड़कें शामिल हैं।
शेष 300 किमी के लक्ष्य पूर्ति के लिए महज 10 दिन ही शेष हैं। बीते एक माह में 150 किमी तो इतने कम समय में 300 किमी रोड गड्ढामुक्त कैसे हो सकेंगी? कार्यदायी संस्थाओं को हर दिन 30 किमी. सड़क को गड्ढामुक्त करने की बड़ी चुनौती है। बहरहाल 31 अक्तूबर के बाद ही गड्ढामुक्त के लक्ष्य पूर्ति की सच्चाई पता चल सकेगी।
प्रति किमी 30 हजार रुपये खर्च होंगे
लोक निर्माण विभाग के विभिन्न खंडों के अधीन जनपद की 450 किलोमीटर सड़क गड्ढामुक्त के लिए शासन स्तर से प्रति किलोमीटर 30 हजार रुपये का बजट आवंटन किया गया है। इसमें जीएसटी भी शामिल हैं। फिलहाल 31 अक्तूबर के बाद ही पता चलेगा कि सड़कों की मरम्मत ठीक ढंग से हुई है या नहीं।
बीते वर्ष में भी अधूरी रही सड़कें
वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद लोक निर्माण विभाग का मंत्रालय देख रहे उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या ने सभी सड़कों को गड़्ढामुक्त करने का सख्त फरमान सुनाया था। फिर भी जिला पंचायत, ग्रामीण अभियंत्रण, गन्ना समिति व मंडी समिति की सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो सकी थीं।
सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए पूर्व में 15 अक्तूबर तक तय थी। इस बीच शासन ने तिथि को बढ़ाते हुए 31 अक्तूबर कर दिया है। अब तक पचास प्रतिशत सड़कें गड़्ढामुक्त हो सकी हैं। शेष सड़क की मरम्मत 31 अक्तूबर तक हर हाल में कर लिया जाएगा। इसके लिए जिम्मेदारों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
चुन्नी लाल, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, प्रांतीय खंड