सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अच्छी शिक्षा और अच्छे स्वास्थ्य का नारा दिया। साथ ही उन्होंने प्रदेश की सभी अंतराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं को फोरलेन से जोड़ने और वहां भव्य प्रवेश द्वार बनाने का ऐलान किया। सीएम ने स्कूल चलो और जेई-एईएस के खिलाफ दस्तक अभियान का शुभारंभ करते हुए जनसहभागिता का आह्वान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 52 करोड़ की 34 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री सोमवार को सिद्धार्थनगर में थे। उन्होंने यहां जिला जेल के सामने स्थित मैदान से स्कूल चलो रैली को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि दुनिया की तमाम बुराइयों को मिटाने के लिए तथागत भगवान बुद्ध ने एक अभियान की शुरुआत की थी। आज उन्हीं की भूमि से समाज की बुराइयों को खत्म करने गुणवत्तापूर्ण और संस्कारपूर्ण शिक्षा के लिए अभियान की शुरुआत की गई है। सीएम ने कहा कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, यह हर नागरिक का सामाजिक व राष्ट्रीय दायित्व है और अपने इसी दायित्व का निर्वहन करने के लिए वह जिले में पहुंचे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने एक बार फिर कहा कि स्कूलों में दाखिला लेने वाले सभी बच्चों को अप्रैल में यूनिफार्म, जूता-मोजा, बैग, कितों मुहैया करा दी जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अंतर्राज्यीय व अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को फोरलेन से जोड़ा जाएगा और वहां भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण कराया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इसके लिए 3300 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस योजना का लाभ सिद्धार्थनगर को भी मिलेगा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया और मरीजों से सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। सीएम ने दस्तक अभियान के तहत जागरूकता वैन को भी रवाना किया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, प्रभारी मंत्री चेतन चौहान, आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल, सांसद जगदंबिका पाल, बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक सर्वेंदु विक्रम सिंह सहित सभी विधायक व जिलाध्यक्ष मौजूद रहे।
मिट्टी रॉयल्टी फ्री : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिट्टी को रॉयल्टी फ्री कर दिया गया है। अब किसान को अपनी खेत से मिट्टी निकालने पर परेशान नहीं किया जाएगा। अगर कोई किसान को परेशान करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
ईंट-भट्ठों के लिए भी रॉयल्टी फ्री होगी मिट्टी
सीएम ने कहा कि ईंट-भट्ठों के लिए भी मिट्टी को रॉयल्टी फ्री किया जा रहा है, लेकिन इसके लिए सभी भट्ठा मालिकों अपने भट्ठों पर दो बछड़े पालने होंगे। ये बछड़े उन्हें मिट्टी ढुलाई में मदद करेंगे। लागत कम आएगी तो ईंट के दाम भी कम होंगे। साथ ही उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को अपने क्षेत्र के भट्ठा मालिकों से वार्ता कर ईंट के दाम कम कराने का निर्देश दिया। सीएम ने खनन सामग्री की उपलब्धता के लिए शीघ्र पट्टों के अनुसार खनन कार्य शुरू कराने का भी निर्देश दिया।
इसलिए हुआ सिद्धार्थनगर का चयन
सिद्धार्थनगर से प्रदेश के दो बड़े अभियानों की शुरुआत की मंशा समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के 115 अति पिछड़े जिले में सिद्धार्थनगर को चुना है। यह गोरखपुर-बस्ती मंडल के उन जिलों में भी है, जहां इंसेफेलाइटिस का प्रकोप सर्वाधिक है। यो दोनों सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम हैं। सरकार संसाधन उपलब्ध करा सकती है, अपने तंत्र के साथ जनता के बीच जा सकती है, लेकिन जब तक जनसहभागिता नहीं होगी अभियान सफलता की ऊंचाइयों तक नहीं पहुंच सकेगा। उन्होंने हर बच्चे के टीकाकरण व स्कूल में नामांकन का जनता को संकल्प दिलाया।