पुलिस के ‘सी प्लान’ का हिस्सा बने 28 हजार लोग
पुलिस का तंत्र हुआ मजबूत, मिलेगी हर जानकारी
2603 गांव में 11 टीमें गठित, अपराध नियंत्रण में मिलेगी मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अपराध नियंत्रण में पुलिस के सहयोगी के रूप में गांव के लोग खुद खड़े होंगे। इसके लिए गांव स्तर पर पुलिस ने सूचना का बेहतर तंत्र तैयार कर लिया है। यह लोग थाने से लेकर अधिकारी तक के निगाह में रहेंगे। हर छोटी बड़ी घटना का ग्रुप के जरिए सीधे जानकारी देंगे। जिले के 2603 गांव में टीम 11 तैयार गठित की गई। थानावार 28 हजार लोग पुलिस से सीधे जोड़े गए हैं। यह सब स्मार्टफोन के जानकार लोग हैं। जो सोशल मीडिया के माहिर हैं और आम जनता के बीच उनकी अच्छी छवि अच्छी है। माना जा रहा है कि इससे पुलिस को काम करने में काफी सहूलियत मिलेगी। अपराध का तरीका बदलने के साथ ही पुलिस का सूचना तंत्र कमजोर पड़ता जा रहा है। समय से किसी मामले की जानकारी नहीं होने से वह बड़ी घटना का रूप ले लेता है। साथ ही मौजूदा समय में सोशल मीडिया का दखल बढ़ने से विवाद का एक और जरिए बन गया है। सोशल मीडिया पर एक सूचना के वायरल होने से बड़ा विवाद और दंगा तक हो जाता है। लिहाजा जिले की पुलिस ने सी प्लान (कम्युनिकेश प्लान एप) के जरिए अपराध पर नियंत्रण लगाने की कवायद शुरू की है। इस एप के विकसित करने के पीछे पुलिस का उद्देश्य है कि सूचना तंत्र को मजबूत किया जा सके। इसमें हर गांव में 11 लोगों की टीम तैयार की गई। टीम का हिस्सा उन्हें बनाया गया है, जिनकी समाज में अच्छी छवि है और स्मार्टफोन चलाने के माहिर हैं। उन्हें इस टीम का हिस्सा बनाया गया है। इस एप के जरिए पुलिस को सहयोगी के रूप में बड़ी संख्या में लोग मिल गए हैं। यह लोग गांव की हर छोटी बड़ी सूचनाओं को ग्रुप के जरिए संबंधित थाने तक पहुंचाएंगे। साथ ही अपराध नियंत्रण में सहयोग करेंगे। गांव के विवाद को पुलिस के साथ मिलकर निस्तारित कराएंगे। एएसपी सुरेशचंद रावत ने बताया कि ‘सी प्लान एप’ के तहत गांव स्तर पर टीम-11 गठित की गई है। जो पुलिस के सहयोग का माध्यम होंगे। साथ मिलकर अपराध नियंत्रण में सहयोग करेंगे।
28 हजार लोग पुलिस से जुड़े
जिले में मौजूदा समय में 1136 ग्राम पंचायत है। इसमें 2630 गांव हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में मौजूदा समय में तकरीब 28 लाख आबादी होगी। वहीं पुलिस थाने 18 हैं। ऐसे में इन गांवों में 11-11 लोगों को जोड़ा गया है। जिले में 28 हजार लोग टीम से जुड़े हैं। इतनी संख्या में लोगों के जुड़ जाने से पुलिस का सूचना तंत्र मजबूत होगा। गांव की हर छोटी बड़ी जानकारी पुलिस तक आसानी से पहुंच सकेगी।
टीम में शामिल लोग
गांवस्तर पर गठित 11 सदस्यीय टीम का हिस्सा बीट दरोगा, बीट सिपाही, ग्राम प्रधान, दूसरे नंबर प्रधान प्रत्याशी, सेवानिवृत्त शिक्षक, संभ्रात नागरिक, और सेवानिवृत्त कर्मचारी को शामिल किया गया है।
एक क्लिक पर किसी भी गांव की मिलेगी जानकारी
टीम 11 के तैयार होने से संबंधित थानेदार से लेकर अधिकारियों को जानकारी लेने में सहूलियत मिलेगी। वह की किसी घटना की वास्तविक जानकारी ले सकेंगे। साथ ही लोकेशन पता करके समय से मौके पर पहुंच सकेंगे। माना जा रहा है कि इससे अधिकारियों के संज्ञान में घटना की सही जानकारी प्राप्त होगी।