सिद्धार्थनगर। पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू किए जाने की मांग को लेकर कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारियों ने शुक्रवार को भी काम नहीं किया। दो दिनों तक तहसीलों पर आंदोलन करने वाले कर्मी भी विकास भवन में चल रहे धरने में शामिल हुए। आंदोलन के चलते सभी सरकारी दफ्तरों में कामकाज प्रभावित रहा और स्कूलों में पढ़ाई बाधित रही। अब कर्मचारी आठ अक्टूबर को लखनऊ में विशाल रैली कर हुंकार भरेंगे।
पुरानी पेंशन व्यवस्था की मांग को लेकर काम छोड़कर धरनारत कर्मियों ने धरने के तीसरे दिन बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मी व अधिकारी विकास भवन में जुटे। जिलाध्यक्ष व शिक्षक नेता राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि कर्मचारियों व शिक्षकों को उनका हक दिलाने के लिए उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ हर स्तर पर आवाज उठाता रहेगा। मांग पूरी होने तक आंदोलन थमेगा नहीं। सरकार को उनकी वाजिब मांगों को मानना ही पड़ेगा। इसके लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। यदि सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को पूरा नहीं किया तो उनके संगठन की अगुवाई में शिक्षक 8 अक्टूबर को लखनऊ कूच करेंगे। कर्मचारी नेता अनिल सिंह ने कहा कि लंबे समय से चल रही पेंशन की मांग पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। चुनाव के समय वादों को झुनझुना तो दिखाया जाता है लेकिन उसके बाद कर्मचारी हितों को ताख पर रख दिया जाता है।
पुरानी पेंशन बहाली की मांग पूरी न हुई तो आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब सरकार को दिया जाएगा। अपना हक पाने तक वह चुप बैठने वाले नहीं है। इसके लिए चाहे जितना संघर्ष क्यों न करना पड़े। अंत में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार केसरी नंदन त्रिपाठी को दिया गया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक नेता योगेंद्र पांडेय ने किया। इस दौरान भूपेश शुक्ला, अवधेश यादव, अशोक श्रीवास्तव, जोखन प्रसाद कन्नौजिया के अलावा इंद्रसेन, सुजीत जायसवाल, अभय श्रीवास्तव, रूपेश सिंह, हरिशंकर सिंह, बालजीत कुमार, कृपाशंकर पांडेय, आशुतोष, संगीता, किरन यादव, रीतू सिंह, साधना वर्मा, शीला यादव, जनार्दन शुक्ला, दिनेश सिंह, अशोक श्रीवास्तव, लल्लन भाष्कर, चंद्रमणि पांडेय, शैलेंद्र मिश्रा, रामशंकर पांडेय, आरती चौधरी, अजय गुप्ता, मनोज पांडेय, लालबहादुर आदि मौजूद रहे।