सिद्धार्थनगर। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों की भूमि, संपत्ति की सुरक्षा व संरक्षा को लेकर प्रबंध समिति गठित होगी। इससे अर्जित स्कूल के खाते में जमा होगी। धन का दुरुपयोग होने पर बीईओ और प्रधानाध्यापक इसके लिए जिम्मेदार माने जाएंगे।
अपर मुख्य सचिव डॉ. प्रभात कुमार ने 31 जुलाई को सभी जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में अवगत कराया है कि बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों की चल, अचल संपत्ति अथवा उससे संलग्न भूमि स्कूल की है। इससे प्राप्त होने वाली आय भी विद्यालयों की होगी। जिससे उसके खाते में जमा कराया जाना आवश्यक है। प्राय: ग्राम पंचायत व निकाय क्षेत्रों द्वारा परिषदीय विद्यालयों से लगी भूमि के ठेके, किराए इत्यादि पर देने की कार्रवाई की जाती हैं, पर प्राप्त धनराशि को संबंधित विद्यालय के खाते में जमा नहीं कराई जाती है। लिहाजा स्कूलों में उपलब्ध भूमि के प्रबंधन के लिए समिति का गठन किया जाए। ग्राम प्रधान या नगर पालिका अध्यक्ष को अध्यक्ष, एसडीएम द्वारा नामित प्रतिनिधि जो नायब तहसीलदार के स्तर से कम न हो को सदस्य, संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को सदस्य सचिव बनाया जाएगा। ऐसी संपत्तियों को चिह्नित कर उससे प्राप्त आय विद्यालय के खाते में जमा कराई जाए।
आय का लेखा-जोखा भी अभिलिखित किया जाएगा। अर्जित आय को विद्यालय विकास के लिए व्यय किया गया है तो उसका भी विवरण रखा जाएगा। यदि धनराशि का दुरुपयोग किया जाता है तो संबंधित प्रधानाध्यापक व खंड शिक्षा अधिकारी उत्तरदायी होंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी उक्त कार्य के लिए नोडल अधिकारी होंगे। उनके द्वारा सतत अनुश्रवण किया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सिंह ने बताया कि अपर मुख्य सचिव की ओर से प्राप्त पत्र का अनुपालन के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।