सिद्धार्थनगर। सोलह सूत्री मांगों के समर्थन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को भी जारी रहा। दीपावली का त्योहार होने के बावजूद कार्यकर्ता धरने पर डटी रहीं। हालांकि सरकार की सख्ती का असर भी साफ दिखा। नो वर्क-नो पे के फरमान के बाद आंदोलनकारियों की संख्या घट गई।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष प्रभावती देवी ने कहा कि प्रदेश व केंद्र सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का शोषण कर रही है। चुनाव के दौरान यही पार्टियां लंबे-चौड़े वादे करती है, मगर चुनाव बीतते ही सब भूल जाते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रहती है। गर्भवती महिलाओं की देखभाल करना, बच्चों को कुपोषण से बचाना, टीकाकरण करना सहित कई जिम्मेदारियां रहती है। बावजूद दैनिक मजदूरी से भी कम मानदेय देकर सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का अपमान कर रही है। संरक्षक मकबूल अहमद ने कहा कि मांगे पूरी न होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान विद्या देवी, अनीता, मंजू, सुभासनी, संतोष चौबे, कांती पांडेय, सुषमा, जाहिदा, कौशिकी, पूनम त्रिपाठी, निर्मला श्रीवास्तव, चंदन मिश्रा आदि मौजूद रहे।