सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना के 176 लाभार्थी अपात्र मिले हैं। इन अपात्रों को आवास निर्माण की प्रथम और द्वितीय किस्त जारी भी हो चुकी है। अब सत्यापन में फर्जीवाड़े की पोल खुली है। गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद अफसर अब धन की रिकवरी कराने में जुट गए हैं।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 तक सभी गरीबों को पक्की छत देने का ऐलान किया है। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) संचालित है। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले आवासहीन गरीबों का चयन कर उन्हें आवास निर्माण के लिए योजना के तहत तीन किस्तों में 1.20 लाख रुपये दिए जाते हैं। जिले में इस योजना के अंतर्गत 14 ब्लॉकों से 7486 लाभार्थियों का चयन हुआ था। शिकायतों के बाद हुए सत्यापन में 176 लाभार्थी अपात्र मिले। इसके बाद आनन फानन में खाते से धन निकासी पर रोक लगाते हुए रिकवरी का आदेश दिया गया है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक संत कुमार का कहना था कि सत्यापन के दौरान अपात्र पाए गए सभी से धन की रिकवरी कराई जा रही है। अधिकांश को सिर्फ एक ही किस्त जारी की गई थी। चयन करने वाले कर्मचारियों से भी जवाब तलब किया जा रहा है।
1830 आवास अब भी अधूरे
शासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी आवासों को 31 मार्च तक पूरा कराने को कहा है। इसमें आवासों के निर्माण के साथ ऑनलाइन फीडिंग की प्रक्रिया भी शामिल है। डेडलाइन तय होने के बाद भी 1830 आवासों का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। संबंधित ब्लॉकों के बीडीओ व एडीओ पंचायत को तत्काल निर्माण पूरा कराकर फीडिंग के निर्देश दिए गए हैं।