सिद्धार्थनगर। गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के उत्पीड़न के विरोध में राष्ट्रीय स्वरोजगार महासंघ कार्यकर्ताओं की ओर से बेसिक शिक्षा मंत्री का पुतला फूंकने की कोशिश पुलिस ने विफल कर दी। सिद्धार्थ तिराहे पर प्रदर्शन के बाद संघ के सदस्यों ने जैसे ही शिक्षा मंत्री के पुतले को आग लगाने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। प्रदर्शनकारियों के हाथ से छीना-झपटी के दौरान पुतला कई जगह से फट गया।
गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने के विरोध में राष्ट्रीय स्वरोजगार महासंघ के सदस्य आंदोलित हैं। मंगलवार को उन्होंने सिद्धार्थ तिराहे पर प्रदर्शन कर बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल का पुतला फूंकने का ऐलान किया था। इसे लेकर सदर पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। अपराह्न करीब दो बजे तिराहे पर सदस्य जैसे ही पुतला लेकर पहुंचे, मौजूद पुलिसकर्मी उनकी ओर दौड़ पड़े। पुलिस के दौड़ाए जाने से प्रदर्शनकारी भागने लगे। सदस्यों को रोककर पुलिस पुतला छीनने लगी। छीना-झपटी के दौरान कागज और पुआल से बना पुतला कई स्थानों से फट हो गया। बाद में प्रदर्शनकारी बिना पुतला जलाए ही लौट गए। प्रदर्शन के दौरान महासंघ के अध्यक्ष गोस्वामी गौरव भारती ने कहा कि युवाओं को बेरोजगार करने से प्रदेश का विकास नहीं होता। स्कूलों को बिना सोचे-समझे बंद करना यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री के पास अनुभव की कमी है। एक तरफ उनसे न तो कानून-व्यवस्था संभल रही है और न ही प्रदेश के युवाओं को रोजगार दे पा रहे हैं तो दूसरी ओर शिक्षकों-स्कूल प्रबंधन का रोजगार छीनने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार को इसका दुष्परिणाम भुगतना होगा। जिलाध्यक्ष रामअवतार चौधरी ने कहा कि यह प्रदर्शन शुरुआत है। अगले चरण में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विधायक की शव यात्रा निकालकर दाह संस्कार किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश सिंह, प्रदेश महासचिव सत्येंद्र सिंह, सुधाकर नाथ तिवारी, मुबारक खान, मनोज कसौधन, आशीष मिश्र, रविशंकर सिंह, उमेश चौबे और जयप्रकाश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।