डुमरियागंज/इटवा (सिद्धार्थनगर)। ईद पर ईदगाहों में विशेष नमाज अदा करने के दौरान कई लोगों ने बांह पर काली पट्टी बांधा। हाथ में तख्ती लेकर जुमा अलविदा, रवीअव्वल का अवकाश समाप्त करने और मुस्लिम वर्ग के लोगों पर भीड़ के हमलों का विरोध जताया। इस्लाम धर्म का बड़ा पर्व बताते हुए सरकारी छुट्टी को लागू करने की मांग की।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बसडिलिया गांव स्थित ईदगाह में नमाज के बाद हाफिज अरबाब के नेतृत्व में कई लोगों ने प्रदर्शन किया। ईदगाह के बाहर निकलकर लोगों ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्ती लेकर नारेबाजी की। अरबाब फारूकी ने कहा कि इस्लाम के सबसे बड़े पर्व के रूप में ईद व रवीअव्वल मनाया जाता है। इस दौरान सभी परिवार के साथ रहने की इच्छा रखता है। डुमरियागंज बड़ी जामा मस्जिद में भी कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज अदा की। इस मौके पर अब्दुर्ररसीद फारूकी, मोहम्मद शमीम, शब्बीर अहमद, गुलाम नवी, सुल्तान अहमद, सलीम फारूकी आदि मौजूद रहे। इटवा कस्बे में ईद की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय ने बांह में काली पट्टी बांध कर जुलूस निकाला। जुलूस बढ़नी मार्ग स्थित बड़ी जामा मस्जिद से होकर सुन्नी मस्जिद तक गया। जुलूस में शामिल लोग मांगों को लेकर नारे लगाते चल रहे थे। मुस्लिम समाज के लोगों पर मनगढंत आरोप लगाकर भीड़ के हमले का विरोध किया। इस दौरान रिजवान साफात, कमाल अहमद, नदीम बारी, साजिद सलाम, डॉ. युसूफ, डॉ. नसीम, वसीम बारी, शाहिद सलाम, डॉ. शकूर आलम, अब्दुर्रहमान आदि मौजूद रहे।