सिद्धार्थनगर। प्रदेश के नए निजाम को सौ दिन पूरे होने वाले हैं। सौ दिनों के लिए सरकार ने खास एजेंडा बनाया था। वादा किया था कि लोगों को बिजली बेहतर मिलेगी। सड़कें गड्ढामुक्त हो जाएंगी। स्वास्थ्य सेवा को सुधारा जाएगा। कानून व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, साफ-सफाई, महिला सुरक्षा, किसानों की खुशहाली भी सरकार की प्राथमिकता में रही। अपने एजेंडे को पूरा करने के लिए सरकार ने कई प्रभावी कदम भी उठाए, बावजूद जनता को अब तक वह बदलाव महसूस नहीं हो पाया है। ग्रामीण सड़कें गड्ढामुक्त हुईं, लेकिन जिले की प्रमुख सड़कों का हाल अभी भी बुरा है। बिजली की अघोषित कटौती से जनता बेहाल है। यह दो ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर पिछले दिनों समीक्षा बैठक में खुद प्रभारी मंत्री चेतन चौहान भी असंतोष जता चुके हैं। स्वास्थ्य सेवा को सुधारने के लिए डॉक्टरों का अभाव दूर नहीं हो पाया है। सरकार साफ कर चुकी है कि पूरे प्रदेश में डॉक्टरों की कमी है, लिहाजा इसमें थोड़ा वक्त लगेगा। किसान कर्जमाफी की घोषणा से उत्साहित हुए थे, मगर कोई गाइडलाइन न आने से अब तक असमंजस में हैं। कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए जिले में लगातार तबादले हो रहे हैं, बावजूद अपराध में इजाफा ही हुआ है। पिछले वर्ष की अपेक्षा हत्या, लूट, बलात्कार के आंकड़े बढ़े हैं। वैसे इस अल्प समय में ही सरकार ने कई उल्लेखनीय कार्य भी किए हैं। तीन नई सड़के एनएच में शामिल हुई है। दो सड़कों के चौड़ीकरण का प्रस्ताव पास हुआ है। अरसे से उपेक्षित पर्यटक स्थलों के विकास का द्वार खुला है। भू-माफियाओं पर कार्रवाई में सख्ती, अवैध स्लाटर हाउस की बंदी, नए विद्युत सब स्टेशन की मंजूरी जैसे कार्यों से लोगों में अच्छे कल की आशाएं जगी है।
सरकार की कोशिशों में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। कम दिनों में ही सरकार ने कई अच्छे कदम उठाए हैं। नौगढ़ से गोरखपुर की सड़क पर चलना दुश्वार था। योगी सरकार की सख्ती से इस सड़क के गड्ढे भर दिए गए, इससे राहत मिली है। बिजली व्यवस्था में भी पहले की अपेक्षा काफी सुधार है। -मिट्ठूलाल, स्वर्ण व्यवसाई।
ककरहवा-नौगढ़ मार्ग का हाल जैसा पहले था, वैसा ही है। बिजली में भी कोई खास सुधार नहीं हुआ है। सरकार से जो उम्मीद थी, अब तक ऐसा कुछ नजर नहीं आया है। वैसे सरकार की ओर से प्रयास तो जारी है। हो सकता है, आगे अच्छे परिणाम आएं। -श्रीचंद्र वर्मा, ककरहवा।
पुरानी नौगढ़ में सड़कों पर चलना खतरे से खाली नहीं है। घर के बाहर बड़े-बड़े गड्ढे होने से रोज हादसे हो रहे हैं। गड्ढामुक्ति सरकार का पहला वादा था, जिसे ही पूरा नहीं कर सकी। काफी हो-हल्ला के बाद अब जाकर गड्ढों को मिट्टी से भरा गया है। -माया देवी, पुरानी नौगढ़।
शहरों की बिजली भले ही सुधरी हो, लेकिन गांवों में तो अब भी वही हाल है। शाम को ढिबरी में ही खाना बनता है और बच्चों को पढ़ाई करना पड़ता है। बार-बार बत्ती गुल होने से उमसभरी गर्मी में बुरा हाल है। सरकार ने बड़े ख्वाब दिखाए थे, अभी कुछ नहीं हुआ। -सुशीला देवी, ककरहवा।
बोले विधायक, तेजी से हो रहा विकास
सदर विधायक श्यामधनी राही का कहना है कि जनता को बेहतर सुविधाएं देने के लिए मुख्यमंत्री लगातार प्रयासरत हैं। जिले की अधिकांश सड़कें गड्ढामुक्त हो चुकी हैं, कुछ बाकी हैं तो उन पर भी काम चल रहा है। बिजली का शेड्यूल निर्धारित करते हुए उसके अनुरुप बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने का प्रयास जारी है। पुराने तार-पोल तेजी से बदले जा रहे हैं। ककरहवा, सोहांस, उसका में नए सब स्टेशन स्थापित हो रहे हैं। किसानों को कर्जमाफी का तोहफा मिला है। पिछली सरकारों में रोजाना हत्या, लूट, बलात्कार की घटनाएं होती थी, इस पर विराम लगा है। पिछले 15 वर्षों से ऐसी सरकार थी, जो विकास का पैसा पीते रहे। अभी सौ दिन हुए हैं, आगे जनता की सारी समस्याएं दूर होंगी। समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर सरकार मुस्कान लाएगी।
नए एनएच मंजूर, बिजली में सुधार जारी
डुमरियागंज। डुमरियागंज विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि जिले में तीन नए एनएच को मंजूरी मिली है। क्षेत्र के 182 ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि कराई गई है। तिलगडिय़ा और रींवा में नए सब स्टेशन के लिए जमीन अधिग्रहित कर ली गई है। जल्द ही यहां कार्य शुरू हो जाएगा। धोबहां में भी सब स्टेशन का प्रस्ताव दिया गया है। विधायक निधि से गालापुर मंदिर पर सुलभ शौचालय, तोरणद्वार, चौखड़ा स्थित प्राचीन शिवमंदिर के पोखरे का सुंदरीकरण का काम करवाया जाएगा। आमी के उद्गम स्थल सिकहरा और नगर स्थित राप्ती नदी के तट का सुंदरीकरण कराने का प्रस्ताव दिया गया है। डुमरियागंज से मसकिनवां होते हुए अयोध्या तक की सड़क, चौखड़ा से गालापुर और डुमरियागंज से बांसी तक की सड़कों के चौड़ीकरण का एस्टीमेट तैयार हो रहा है। अभी तो सिर्फ 100 दिन हुए हैं, 5 साल में कई ऐतिहासिक काम होंगे।