डुमरियागंज। िस्टकर लगे फल अगर दुकानदार बेचते हुए पकड़े गए तो कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर इस पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं।
बाजार में िस्टकर लगे फलों की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। इसमें लगे िस्टकर को चिपकाने में प्रयोग होने वाला पदार्थ शरीर को नुकसान पहुंचाता है। जानकारी के अभाव में लोग इसे खरीदकर खा रहे हैं, जो उन्हें गंभीर बीमारी का शिकार बना रहा है। अब इस स्टिकर को लगाने में पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर अपर आयुक्त प्रवर्तन शकील अहमद ने सभी अभिहित अधिकारी को पत्र भेजकर इस पर पूरी तरह से रोक लगाने को कहा है। आदेशों का पालन करने के लिए विभाग ने योजना तैयार की है। सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में अभियान चलाकर फल मंडियों व फल विक्रेताओं के यहां छापा मारेंगे। मौजूद व्यापारी व आम लोगों को बताया जाएगा कि फल व सब्जियों में लगे िस्टकर उनके शरीर को हानि पहुंचाते हैं।
इस केमिकल में जो रसायन का प्रयोग होता है। यह रसायन फलों के गूदे तक पहुंच जाता है, जो शरीर को हानि पहुंचाता है। जिला अभिहित अधिकारी गिरजेश कुमार दूबे ने बताया कि िस्टकर को चिपकाने के लिए जो केमिकल लगाया जाता है। उसमें हानिकारक रसायन होते हैं, जो धूप पड़ने पर फलों के गुदे तक प्रवेश कर जाते हैं। बताया कि इससे पहले पंजाब में िस्टकर लगे फलों की बिक्री पर बैन लगाया जा चुका है। बताया कि पहले व्यापारियों को समझाया जाएगा। इसके बाद अभियान चलाकर िस्टकर लगे फलों को नष्ट कराया जाएगा। इसके बाद भी नहीं माने तो जुर्माना कर कार्रवाई की जाएगी।
संक्रमण और कैंसर का कारण भी
न्यू पीएचसी डुमरियागंज के प्रभारी डॉ. मुस्तकीम अंसारी ने बताया कि स्टीकर को चिपकाने में प्रयोग होने वाले घातक केमिकल युक्त गोंद का इस्तेमाल होता है। इससे मुंह और पेट में संक्रमण हो सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसे फलों का लगातार सेवन कैंसर का भी कारण बन सकता है।