अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। धान बेचने के क्रय केंद्रों पर पहुंचे वाले किसानों को नमी, कचरा और कभी स्थान का अभाव होने की बात कहकर लौटाया जा रहा है। मजबूरन रकम के लिए किसान औने-पौने दामाें में फसल बेचने को मजबूर हैं। ऐसे में जिले के 52 केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया शुरू होने के 40 दिन बाद भी 44400 मीट्रिक टन धान की खरीद हो सकी है। वहीं किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्रों पर आढ़तियों का धान खरीदा जा रहा है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि क्रय केंद्रों पर किसानों का ही धान खरीद की जा रही है। कहीं कोई गड़बड़ी बात नहीं है। जिन किसानों के धान में अधिक नमी है। उन्हें सुखाकर लाने के लिए कहा जा रहा है। अगर कही कोई समस्या आती है तो किसान सीधे विभाग से संपर्क कर सकते है।
बोले किसान
शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के औदही गांव निवासी मो. हारुन और मटियार उर्फ भुतहवा गांव निवासी किसी मो. सफात कहते हैं कि सरकार किसानों के उपज का वाजिब मूूल्य देने की बात कह रही है। लेकिन धान खरीदा ही नहीं जा रहा है। कहा कि धान में अधिक नमी तो कभी कचरा और कभी जगह न होने की बात कहकर क्रय केंद्र से लौटा दिया जा रहा है। मजबूरी में आढ़तियों के उपज बेचनी पड़ रही है। परसा के किसान सुखराम, भदई, लौटू व जुबैर आदि ने बताया कि फसल कटे हुए एक माह बीतने को है। कई बार क्रय केंद्र का चक्कर लगा चुके, लेकिन अभी तक धान की खरीद नहीं हो पाई।