सिद्धार्थनगर। सदर, मिठवल और बढ़नी ब्लॉक के बाद अब उसका ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी भी खतरे में पड़ गई है। दो तिहाई से अधिक सदस्य प्रमुख के खिलाफ अविश्वास जताते हुए शुक्रवार को डीएम कार्यालय में पहुंच गए हैं। कुल 54 सदस्यों वाले इस ब्लॉक के 43 बीडीसी सदस्यों ने शपथ पत्र सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक बुलाने की मांग की। ब्लॉक प्रमुख पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। शपथ पत्रों के सत्यापन के बाद प्रशासन ने जल्द तिथि तय करने का आश्वासन दिया है।
महिला के लिए आरक्षित उसका ब्लॉक प्रमुख पद पर जनवरी 2016 में हुए चुनाव में राजमति लोधी ने सपा प्रत्याशी के रूप में निर्विरोध जीत दर्ज की थी। सूबे में सत्ता बदलने के बाद से ही उनकी कुर्सी डगमगाने लगी थी। मौके की नजाकत भांप पति दयाराम लोधी ने भगवा चोला धारण कर लिया। बावजूद सक्रिय विरोधी खेमे ने सदस्यों को एकजुट कर प्रमुख को अपदस्थ करने की कवायद जारी रखी। शुक्रवार को वार्ड संख्या 18 की बीडीसी सुनीता पांडेय के नेतृत्व में सदस्यों का हुजूम कलेक्ट्रेट पहुंचा। डीएम की अनुपस्थिति में एडीएम बाबूराम को 43 सदस्यों ने शपथ पत्र देकर प्रमुख राजमति देवी के खिलाफ अविश्वास जाहिर किया। सदस्यों का कहना था कि मौजूदा प्रमुख का रवैया उचित नहीं है। न तो क्षेत्र पंचायत व समितियों की समय से बैठक न बुलाती हैं और न ही कर्तव्यों का सम्यक पालन करती हैं। क्षेत्र पंचायत निधि का दुरुपयोग हो रहा है। अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए चहेतों और रिश्तेदारों को क्षेत्र पंचायत के कार्य आवंटित कर रही हैं। अन्य सदस्यों को कार्य देने के नाम पर धनउगाही की जाती है। एडीएम ने सभी सदस्यों के शपथ पत्र का अवलोकन किया। उनकी उपस्थिति की पड़ताल के बाद जल्द ही अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक बुलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान विधायक श्यामधनी राही, पूर्व प्रमुख रामजीत चौरसिया, अरविंद शुक्ला, अनिल अग्रहरि, राजू सिंह, राजमंगल पांडेय, रमेश त्रिपाठी, मुश्ताक अहमद, रामदास, कपुरी देवी, अजीजुन्निशा, राहुल सिंह, सत्यभामा, जलंधर, गोरखनाथ, विशुनदेव यादव, घनश्याम गुप्ता, विनोद शुक्ला, पूनम, शारदा देवी, सतीश पांडेय, रीना सिंह, विशुनदेव यादव, दिनेश कुमार, पिंकी, जग्गू प्रसाद, दुर्गेश आदि शामिल रहे।
पार्टी बदली फिर भी नहीं बनी बात
उसका ब्लॉक प्रमुख पद पर राजमति देवी ने सपा प्रत्याशी के रूप में निर्विरोध जीत दर्ज की थी। सूबे में चली बदलाव की बयार के साथ सत्ता बदली तो उन्होंने भी भगवा चोला पहन लिया। पति दयाराम लोधी भाजपा के हर कार्यक्रम में पूरी सक्रियता के साथ जुटते रहे हैं। कई जनप्रतिनिधियों तक अपनी निकटता बढ़ाई थी। उनकी दलील थी कि वह पुराने कार्यकर्ता हैं। अब घर लौट आए हैं। हालांकि इस पूरी कवायद के पीछे कुर्सी को सुरक्षित करना ही मुख्य वजह मानी जा रही थी। ऐन-केन प्रकारेण पत्नी की कुर्सी बरकरार रखने को आतुर दयाराम को करारा झटका लगा है। सारी कोशिशों पर विरोधी खेमे की रणनीति भारी पड़ी है।
शक्ति प्रदर्शन को तैयार
उसका ब्लॉक की प्रमुख राजमति लोधी ने चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि वह शक्ति प्रदर्शन को तैयार हैं। सदस्यों का समर्थन उनके साथ है। वह पूरी दमदारी से अपना पक्ष रखेंगी। आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यकाल में किसी भी सदस्य के मान-सम्मान पर आंच नहीं आने दी है। आगे भी इसकी पूरी कोशिश रहेगी।